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गन्ने की 4 नई किस्में मंजूर: 95.56 टन उपज वाली को.शा. 23232, लाल सड़न से भी सुरक्षा

📅 Oct 1, 2026

✍️ Aamir Raza

95.56 टन उपज: नई गन्ना किस्म को.शा. 23232 मंजूर

को.0238 से 9.44% ज्यादा उपज और लाल सड़न से सुरक्षा — लेकिन बीज कहां से मिलेगा? आगे जानिए।

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29 सितंबर की बैठक में 4 नई किस्मों को मंजूरी

गन्ना आयुक्त की अध्यक्षता में बीज गन्ना किस्म स्वीकृति उप समिति ने चारों किस्में खेती के लिए अनुमोदित कीं — वैज्ञानिकों और चीनी मिलों के सामने उपज के आंकड़े पेश हुए।

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को.शा. 23232: को.0238 को उपज में पछाड़ा

पौधा गन्ने की उपज 95.56 टन प्रति हेक्टेयर — को.0238 से 9.44% ज्यादा। पेड़ी की उपज 80.57 टन — 3.16% अधिक। पूरे प्रदेश में खेती स्वीकृत।

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को.लख. 21201: लखनऊ संस्थान की अगेती किस्म

उपज 86.57 टन प्रति हेक्टेयर; चीनी परता 13.94% — को.0238 के 13.71% से ज्यादा। लाल सड़न के प्रति उच्च प्रतिरोधक क्षमता और पेड़ी भी अच्छी।

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19235 और 18232: देर से पकने वाली किस्में

को.शा. 19235 की उपज 87.58 और को.शा. 18232 की 92.38 टन प्रति हेक्टेयर — देर से बुवाई करने या जिनके क्षेत्र में पेराई देर से होती है, उन किसानों के लिए विकल्प।

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शरदकालीन बुवाई से पहले किसान ये 4 काम करें

गन्ना समिति से बीज की पूछताछ करें, अधिकृत स्रोत से ही बीज लेकर रसीद रखें, सर्वे में किस्म का नाम सही दर्ज कराएं, मिट्टी और मिल के हिसाब से किस्म चुनें।

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