UP Ganna Survey 2026: 1 मई से शुरू होगा गन्ने का ‘हाई-टेक’ सर्वे! किसान भाई जान लें ये जरूरी बातें !

गन्ने की कटाई का सीजन अभी चल ही रहा है, लेकिन अगली फसल (2025-26) की तैयारी भी शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने नए पेराई सत्र के लिए ‘गन्ना सर्वे नीति’ (Satta Policy) जारी कर दी है।

इस बार सरकार का पूरा जोर पारदर्शिता (Transparency) पर है। यानी, अब पर्ची को लेकर कोई भी गड़बड़ी नहीं होगी। सर्वे का काम 1 मई 2025 से शुरू होने जा रहा है।

आइये जानते हैं कि इस बार के सर्वे में क्या खास है और आपको किन बातों का ध्यान रखना है।


अब फीता नहीं, GPS करेगा नाप-जोख

पहले जमाने में गन्ने की नाप-जोख फीते (Tape) से होती थी, जिसमें अक्सर लेखपाल या सुपरवाइजर से गलती हो जाती थी। कभी खेत का रकबा कम लिख दिया जाता था, तो कभी ज्यादा।

लेकिन इस बार 1 मई से 30 जून तक चलने वाले सर्वे में GPS (हैंड हेल्ड कंप्यूटर) का इस्तेमाल होगा।

  • गन्ना विभाग के कर्मचारी आपके खेत पर आएंगे।

  • उनके हाथ में एक मशीन होगी।

  • वे खेत के चारों कोनों पर खड़े होकर जीपीएस से निशान लगाएंगे।

  • इससे आपके खेत का एक-एक इंच बिल्कुल सही नापा जाएगा।

फायदा: इससे आपका सट्टा (Satta) बिल्कुल सही बनेगा और पर्ची आने में कोई दिक्कत नहीं होगी।


महत्वपूर्ण तारीखें (Dates) जो आपको याद रखनी हैं

किसान भाइयों, अपनी डायरी में ये तारीखें नोट कर लें ताकि बाद में भाग-दौड़ न करनी पड़े:

  1. सर्वे शुरू होने की तारीख: 1 मई 2025

  2. सर्वे खत्म होने की तारीख: 30 जून 2025

  3. सर्वे का डेटा देखने की तारीख (प्रदर्शन): 20 जुलाई से 30 अगस्त 2025 तक।

(नोट: अगर सर्वे में कोई गलती हो गई है, तो आप 30 अगस्त तक उसे ठीक करवा सकते हैं।)


किसान भाइयों को क्या करना है? (जरूरी सलाह)

जब गन्ना सुपरवाइजर आपके खेत पर सर्वे करने आएं, तो इन 3 बातों का खास ख्याल रखें:

  1. खेत पर मौजूद रहें: कोशिश करें कि जब सर्वे हो रहा हो, तो आप या घर का कोई समझदार सदस्य खेत पर जरूर हो।

  2. कागज तैयार रखें: अपना आधार कार्ड और खतौनी (गाटा संख्या) की जानकारी अपने पास रखें।

  3. किस्म (Variety) सही लिखवाएं: सबसे जरूरी बात—आप गन्ने की कौन सी किस्म (जैसे 0238, 14201 या 13235) बो रहे हैं, और वह पेड़ी है या पौधा, इसे सही-सही दर्ज करवाएं। गलत किस्म लिखने से बाद में पर्ची कटने में दिक्कत आती है।


घोषणा पत्र (Declaration Form) जरूर भरें

सरकार ने साफ कर दिया है कि जिन किसानों ने अभी तक अपना ऑनलाइन घोषणा पत्र नहीं भरा है, उनका सट्टा चालू नहीं होगा। इसलिए, अगर आप नए सदस्य बने हैं या पुराने किसान हैं, तो समय रहते जनसेवा केंद्र (CSC) से अपना फॉर्म भरवा लें।


हमारा सुझाव

किसान भाइयों, यह जीपीएस सर्वे आपके फायदे के लिए ही है। इससे गन्ना माफिया और पर्ची की कालाबाजारी खत्म होगी। बस थोड़ा जागरूक रहें और सर्वे के दौरान अपनी मौजूदगी जरूर दर्ज कराएं।

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