खुशखबरी! गन्ने का नया सरकारी रेट आ गया (2025-26) कितना बढ़ाया है check करें?

क्या आप भी इसी बात का इंतज़ार कर रहे थे कि योगी सरकार ने इस साल गन्ने का क्या भाव तय किया है? आखिर गन्ने का पैसा ही तो हम किसानों की पूरे साल की मेहनत और कमाई है।

चलिए, आज आपको सीधा-सीधा और साफ-साफ बताते हैं कि यूपी सरकार ने गन्ने का रेट कितना बढ़ाया है और 2025-26 के नए रेट के हिसाब से अब आपके खाते में प्रति क्विंटल कितना पैसा आएगा। साथ में, ये भी जानेंगे कि अपने मोबाइल पर केन यूपी (caneup.in) की वेबसाइट पर ये नया रेट खुद कैसे देखें।

गन्ने का भुगतान

नए रेट की मोटी-मोटी बातें

  • कितना पैसा बढ़ा? – सरकार ने सीधा ₹30 प्रति क्विंटल बढ़ा दिया है।
  • अगेती गन्ने का नया भाव: अब मिलेगा ₹400 प्रति क्विंटल
  • सामान्य गन्ने का नया भाव: इसका मिलेगा ₹390 प्रति क्विंटल
  • लागू कब से? – यह रेट अक्टूबर 2025 से चालू मौजूदा पेराई सीजन के लिए है।

नया रेट जानना आपके लिए क्यों जरूरी है?

किसान भाइयों, सरकार तो रेट बढ़ा देती है, पर कभी-कभी मिल वालों का कंप्यूटर (सॉफ्टवेयर) अपडेट होने में टाइम लगता है। इसलिए आपको नया रेट पता होना ही चाहिए, ताकि:

  • पैसा सही मिले: आपको पता रहे कि आपकी जो तौल हुई है, उसका पैसा नए रेट से जुड़ा है या पुराने से।
  • बकाया पैसा मांग सकें: अगर मिल ने पिछला पेमेंट पुराने रेट पर किया है, तो आप बचा हुआ पैसा (जिसे एरियर कहते हैं) उनसे मांग सकें।
  • आगे का हिसाब-किताब लगे: बढ़े हुए पैसे से ही आप अगली फसल में कितना खाद-बीज डालना है, इसका सही अंदाज़ा लगा पाएंगे।

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अपने मोबाइल पर खुद कैसे चेक करें गन्ने का नया रेट?

पहला कदम: वेबसाइट खोलें

अपने मोबाइल में गूगल पर enquiry.caneup.in लिखकर खोलें। वहां ‘आंकड़े देखें’ का बटन दिखेगा, उस पर उंगली से दबाएं।

दूसरा कदम: अपनी जानकारी भरें

स्क्रीन पर एक टेढ़ा-मेढ़ा सा कोड (कैप्चा) दिखेगा, उसे नीचे डिब्बे में भरें। फिर अपना जिला, चीनी मिल और अपने गांव का नाम चुनें।

तीसरा कदम: अपना नाम चुनें और रेट देखें

अब आपके गांव के सभी किसानों की लिस्ट दिखेगी, उसमें से अपना नाम ढूंढकर चुनें। जैसे ही आप नाम चुनेंगे, आपकी पूरी पर्ची का हिसाब खुल जाएगा। वहीं पर आपको गन्ने की किस्म के सामने उसका नया रेट भी लिखा दिख जाएगा।

आखिरी बात

किसान भाइयों, सरकार ने रेट बढ़ाकर ये तो साफ कर दिया है कि वो किसानों की कमाई बढ़ाने की सोच रही है। यह बढ़ोतरी एक बड़ी राहत है। आप बस अपनी तौल और पर्ची की जानकारी के लिए केन यूपी पोर्टल बराबर चेक करते रहें, ताकि आपका हक़ कोई न मार सके।

जय जवान, जय किसान!


लेखक अमित कुमार

लेखक: अमित कुमार

सॉफ्टवेयर इंजीनियर और कृषि तकनीक विशेषज्ञ

अमित कुमार एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर और किसान परिवार से हैं। उन्होंने तकनीक और खेती को जोड़कर किसानों की मदद करने का बीड़ा उठाया है। उनका मानना है कि सही जानकारी और डिजिटल साक्षरता से हर किसान भाई अपनी गन्ना पर्ची और भुगतान की समस्या खुद हल कर सकता है।