होम › आर्टिकल्स › बीज गन्ना भंडारण के 7 स्टेप: फरवरी बुवाई …

बीज गन्ना भंडारण के 7 स्टेप: फरवरी बुवाई तक 4 महीने बीज ताजा रखें, सड़न और सूखे से बचाव — 2026-27 गाइड

Aamir Raza Aamir Raza • Nov 8, 2026 • 11 min read
Google पर हमें फ़ॉलो करें
शेयर करें:
बीज गन्ना भंडारण के 7 स्टेप: फरवरी बुवाई तक 4 महीने बीज ताजा रखें, सड़न और सूखे से बचाव — 2026-27 गाइड
अंतिम अपडेट: November 8, 2026 7:43 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

नवंबर का महीना यूपी के गन्ना किसानों के लिए दोहरी तैयारी का समय है — एक तरफ पराई सीजन शुरू हो गया है और मिलों में गन्ना जा रहा है, दूसरी तरफ फरवरी-मार्च की बसंत बुवाई के लिए बीज गन्ना संभालकर रखना है। बीज गन्ना नवंबर में काटकर रखना पड़ता है और बुवाई फरवरी में होती है, यानी बीज को 3 से 4 महीने तक ताजा रखना होता है।

यहीं सबसे ज्यादा नुकसान होता है। किसान मेहनत से अच्छी किस्म का बीज चुनता है, पर भंडारण गलत हो जाए तो गन्ना सूख जाता है, सड़ने लगता है, गाँठों की आँखें मर जाती हैं और बुवाई के बाद खेत में जगह-जगह खाली पट्टियाँ दिखती हैं। अंकुरण कम हुआ तो पूरी फसल की नींव ही कमजोर पड़ जाती है — न कल्ले पूरे निकलते हैं, न उपज का लक्ष्य पूरा होता है।

अच्छी खबर यह है कि बीज गन्ना भंडारण कोई मुश्किल विज्ञान नहीं है। सही चुनाव, सही जगह और थोड़ी-सी नियमित देखभाल से बीज 4 महीने तक ताजा रहता है और बुवाई के दिन 80 फीसदी से ज्यादा गाँठें फूटती हैं। इस गाइड में भंडारण के 7 आसान स्टेप, खाई बनाने की सही विधि, बीज उपचार का तरीका और बुवाई से पहले अंकुरण जाँचने का आसान तरीका — सब कुछ एक जगह दिया गया है।

बीज गन्ना खराब क्यों होता है — 5 बड़े कारण

भंडारण सुधारने से पहले यह समझना जरूरी है कि बीज बिगड़ता क्यों है। ज्यादातर नुकसान इन्हीं 5 कारणों से होता है।

1. सूखना: कटा हुआ गन्ना धूप और हवा में पड़ा रहे तो उसकी नमी उड़ जाती है। गाँठों की आँखें सूखकर मर जाती हैं। यही सबसे आम नुकसान है — बीज ऊपर से ठीक दिखता है, पर अंदर से आँखें बेजान हो चुकी होती हैं।

2. सड़न और फफूँद: नमी ज्यादा हो या गन्ने एक-दूसरे से चिपके पड़े हों, तो सड़न शुरू हो जाती है। सड़ा हुआ बीज बुवाई के बाद मिट्टी में गल जाता है और अंकुरण नहीं होता।

3. रेड रॉट और बीमारी: जो गन्ना पहले से रोगग्रस्त है, वह भंडारण में और तेजी से खराब होता है और पास रखे स्वस्थ गन्ने को भी संक्रमित कर देता है।

4. दीमक और चूहे: सूखी जगह पर रखा बीज दीमक का आसान शिकार बनता है। चूहे गाँठें कुतर देते हैं। एक बार दीमक लग जाए तो पूरा ढेर बेकार हो सकता है।

5. गलत गन्ने का चुनाव: बहुत पुराना, बहुत छोटा या नीचे का सख्त हिस्सा बीज के लिए चुन लिया जाए तो भंडारण चाहे कितना भी अच्छा हो, अंकुरण कम ही रहेगा।

स्टेप 1: भंडारण से पहले बीज का सही चुनाव

अच्छा भंडारण अच्छे बीज से शुरू होता है। बीज के लिए गन्ना चुनते समय इन बातों का ध्यान रखें।

  • उम्र 8 से 10 महीने: बीज के लिए 8 से 10 महीने की फसल का गन्ना सबसे अच्छा माना जाता है। इससे छोटा गन्ना कच्चा होता है और इससे ज्यादा पुराना गन्ना सख्त पड़ जाता है।
  • ऊपर का एक-तिहाई हिस्सा: गन्ने के ऊपर का एक-तिहाई हिस्सा बीज के लिए सबसे अच्छा होता है, क्योंकि उसकी गाँठों की आँखें ज्यादा सक्रिय होती हैं और अंकुरण बेहतर होता है। नीचे का हिस्सा मिल को भेज दें।
  • स्वस्थ गन्ना ही चुनें: जिस गन्ने पर लाल धारियाँ, सड़न के धब्बे या कीट के छेद दिखें, उसे बीज में बिल्कुल न लें। रोगग्रस्त एक गन्ना पूरे ढेर को खराब कर देता है।
  • किस्म का ध्यान रखें: यूपी में Co 0238, Co 15023 और Co 0118 जैसी किस्में बड़े पैमाने पर बोई जाती हैं। जिस किस्म की बुवाई करनी है, उसी का शुद्ध बीज रखें — किस्में आपस में मिल जाएँ तो बाद में पहचानना मुश्किल हो जाता है।
  • ताजा कटा हुआ बीज: बीज गन्ना काटने के बाद ज्यादा दिन खेत में पड़ा न रहे। कटाई के 2 से 3 दिन के अंदर भंडारण की जगह पर पहुँचा दें।

स्टेप 2: भंडारण की सही जगह चुनें

बीज गन्ना रखने की जगह ही आधी सफलता तय कर देती है। जगह ऐसी हो जहाँ सीधी धूप न पड़े, हवा का आना-जाना हो और पानी न रुके।

  • छायादार जगह: पेड़ के नीचे, छप्पर के नीचे या उत्तर दिशा वाली दीवार के सहारे जगह अच्छी रहती है। सीधी धूप बीज को सुखा देती है।
  • ऊँची और सूखी जमीन: जहाँ बरसात या सिंचाई का पानी भरता हो, वहाँ बीज न रखें। नमी ज्यादा हुई तो सड़न शुरू हो जाएगी।
  • हवा का रास्ता: बंद कमरे में बीज रखने से गर्मी और नमी फँस जाती है। खुली, हवादार जगह बेहतर है।
  • चूहों से दूर: अनाज के गोदाम या भूसे के ढेर के पास बीज न रखें — वहाँ चूहे ज्यादा आते हैं।

स्टेप 3: गन्ने को सही तरीके से तैयार करें

भंडारण में रखने से पहले गन्ने की तैयारी ठीक से कर लें।

  • पत्ती पूरी तरह न हटाएँ: गन्ने की सूखी पत्ती पूरी तरह उतारने के बजाय आधी पत्ती रहने दें। पत्ती नमी बनाए रखने में मदद करती है और गन्ने को धूप से बचाती है।
  • पूरे गन्ने रखें, टुकड़े न करें: भंडारण के समय गन्ना पूरा रखें। बुवाई के समय ही उसे 2 से 3 आँख वाले टुकड़ों में काटें। पहले से काटा हुआ बीज जल्दी सूखता है।
  • गट्ठर बाँधें: 25 से 30 गन्नों का एक गट्ठर बाँधें। बहुत बड़ा गट्ठर बाँधने से बीच वाला गन्ना दबकर सड़ सकता है।
  • कटी हुई सतह: अगर गन्ना काटा गया है तो कटी सतह को नीचे की तरफ रखें और गट्ठर को खड़ा करके रखें, ताकि नमी बनी रहे।

स्टेप 4: खाई विधि से भंडारण करें — सबसे भरोसेमंद तरीका

लंबे समय तक बीज रखने के लिए खाई विधि सबसे भरोसेमंद मानी जाती है। इसमें बीज जमीन के अंदर रहता है, जहाँ तापमान और नमी स्थिर रहते हैं।

खाई कैसे बनाएँ:

  • छायादार और ऊँची जगह पर लगभग 1 मीटर गहरी और 1 मीटर चौड़ी खाई खोदें। लंबाई बीज की मात्रा के हिसाब से रखें।
  • खाई की तली में 10 से 15 सेंटीमीटर मोटी सूखी पत्ती या पुआल बिछाएँ।
  • गन्ने के गट्ठर खाई में खड़े करके या तिरछा करके रखें। गट्ठरों के बीच थोड़ी जगह छोड़ें ताकि हवा आ-जा सके।
  • ऊपर से गन्ने को सूखी पत्ती और पुआल से ढक दें, फिर उसके ऊपर मिट्टी की हल्की परत डालें।
  • खाई के चारों तरफ छोटी नाली बना दें ताकि बरसात का पानी खाई में न भरे।

खाई विधि के फायदे: बीज न सूखता है, न सड़ता है। तापमान स्थिर रहता है और दीमक-चूहों से भी बचाव होता है। 3 से 4 महीने तक बीज ताजा रहता है।

स्टेप 5: नमी बनाए रखें — न ज्यादा, न कम

बीज भंडारण में नमी का संतुलन सबसे नाजुक काम है। बीज को नम रहना चाहिए, पर गीला नहीं।

  • हफ्ते में एक बार जाँच: गट्ठर के बीच का एक गन्ना निकालकर देखें। गाँठ दबाने पर हल्की नमी महसूस होनी चाहिए। बिल्कुल सूखा लगे तो हल्का पानी छिड़कें।
  • हल्का पानी छिड़कें: सूखा लगे तो गन्नों पर हल्का पानी छिड़ककर फिर से ढक दें। तेज धार से पानी न डालें — ज्यादा पानी सड़न का कारण बनता है।
  • सर्दी में विशेष ध्यान: दिसंबर-जनवरी की सर्दी और पाले में बीज ज्यादा सूखता है। इस दौरान ढकने वाली पत्ती और पुआल की परत मोटी कर दें।
  • बरसात से बचाव: अगर भंडारण के दौरान बारिश हो जाए तो गन्नों को भीगने न दें। ऊपर से तिरपाल या पॉलीथीन से ढक दें, पर ढकने को पूरी तरह बंद न करें — हवा आती रहनी चाहिए।

स्टेप 6: बीज उपचार करें — रोग और कीट से बचाव

भंडारण से पहले या बुवाई से ठीक पहले बीज उपचार करने से रोग और कीट का खतरा काफी कम हो जाता है।

  • फफूँदनाशी उपचार: बीज के टुकड़ों को फफूँदनाशी घोल में 15 से 20 मिनट तक डुबोकर निकालें। मात्रा के लिए कृषि विशेषज्ञ/कृषि विज्ञान केंद्र से सलाह लें।
  • कीटनाशी उपचार: दीमक से बचाव के लिए बीज उपचार में कीटनाशी मिलाया जाता है। मात्रा के लिए कृषि विशेषज्ञ/कृषि विज्ञान केंद्र से सलाह लें।
  • उपचार के बाद छाया में सुखाएँ: उपचार के बाद बीज को धूप में न सुखाएँ। छाया में थोड़ा सुखाकर ही बुवाई करें।
  • बुवाई के दिन उपचार: सबसे अच्छा तरीका यह है कि बीज उपचार बुवाई वाले दिन ही करें — इससे दवा का असर ताजा रहता है।

स्टेप 7: नियमित जाँच और बुवाई से पहले अंकुरण परीक्षण

बीज रखकर भूल जाना सबसे बड़ी गलती है। हर हफ्ते 10 मिनट की जाँच से बड़ा नुकसान टल जाता है।

जाँच का कैलेंडर:

समयक्या देखेंक्या करें
हर हफ्तेगाँठें सूखी तो नहीं, सड़न तो नहींसूखा लगे तो हल्का पानी छिड़कें, सड़ा गन्ना हटाएँ
15 दिन मेंदीमक या चूहे के निशानदीमक दिखे तो प्रभावित गन्ना अलग करें, केवीके से सलाह लें
1 महीने मेंगाँठों की आँखें हरी हैं या सूखींसूखी आँखों वाला गन्ना बीज से हटाएँ
बुवाई से 7 दिन पहलेअंकुरण परीक्षण करेंनीचे दिया गया तरीका अपनाएँ

अंकुरण परीक्षण का आसान तरीका:

  • भंडारण से 100 गाँठों वाले टुकड़े निकालें और उन्हें नम बोरी या गीली मिट्टी में रखें।
  • 7 से 10 दिन में गिनें कि कितनी गाँठों से अंकुर निकला।
  • 80 से ज्यादा गाँठें फूटें तो बीज बहुत अच्छा है — बेझिझक बुवाई करें।
  • 60 से 80 के बीच फूटें तो बीज ठीक है, पर बुवाई में बीज की मात्रा 10 से 15 फीसदी बढ़ा दें।
  • 60 से कम फूटें तो बीज कमजोर है — नया बीज लेने पर विचार करें, वरना खेत में खाली जगहें रह जाएँगी।

बीज की मात्रा का हिसाब — कितना बीज रखें

बुवाई के समय बीज कम पड़ जाए तो परेशानी होती है, इसलिए भंडारण करते समय ही मात्रा का हिसाब लगा लें।

बुवाई का तरीकाप्रति एकड़ बीज गन्नाटुकड़ों की संख्या (लगभग)
तीन-आँख वाले टुकड़े2.5 से 3.5 टन15,000 के आसपास
दो-आँख वाले टुकड़े3 से 4 टन20,000 के आसपास
एक-आँख (बडचिप) नर्सरीबहुत कमनर्सरी से पौध तैयार होती है

हिसाब लगाते समय 10 फीसदी extra बीज रखें — भंडारण में कुछ गन्ना खराब हो ही जाता है और बुवाई के दिन कमी नहीं पड़नी चाहिए।

बीज भंडारण में होने वाली 7 आम गलतियाँ

  1. रोगग्रस्त गन्ना बीज में लेना — एक सड़ा गन्ना पूरे ढेर को खराब कर देता है।
  2. धूप में खुला छोड़ देना — कटा बीज धूप में कुछ ही दिनों में सूख जाता है।
  3. पहले से टुकड़े काटकर रखना — टुकड़े जल्दी सूखते हैं; गन्ना पूरा रखें, काटें बुवाई के दिन।
  4. बहुत बड़े गट्ठर बाँधना — बीच वाला गन्ना दबकर सड़ जाता है।
  5. जमीन पर सीधा रखना — जमीन की नमी से नीचे वाला गन्ना सड़ता है; नीचे पत्ती या पुआल जरूर बिछाएँ।
  6. महीनों तक जाँच न करना — सड़न या दीमक का पता देर से चले तो पूरा बीज बेकार हो जाता है।
  7. बिना अंकुरण जाँचे बुवाई करना — बुवाई के बाद पता चलता है कि बीज फूटा ही नहीं, तब तक देर हो चुकी होती है।

बुवाई के दिन की 5 सावधानियाँ

  • बीज के टुकड़े ताजे काटें — सुबह काटा बीज उसी दिन बोएँ तो सबसे अच्छा अंकुरण मिलता है।
  • टुकड़ों में 2 से 3 स्वस्थ आँखें हों, कटी सतह साफ हो।
  • बीज उपचार बुवाई वाले दिन ही करें।
  • बुवाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें, ताकि मिट्टी बीज से चिपक जाए।
  • कतार से कतार की दूरी अपनी किस्म और विधि के हिसाब से रखें — ट्रेंच विधि में दूरी ज्यादा रखी जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल: बीज गन्ना कितने महीने तक रखा जा सकता है? जवाब: सही भंडारण में बीज गन्ना 3 से 4 महीने तक ताजा रहता है। नवंबर में रखा बीज फरवरी-मार्च की बुवाई तक आराम से चल जाता है। इससे ज्यादा समय तक रखने पर अंकुरण घटने लगता है।

सवाल: क्या पेड़ी का गन्ना बीज के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं? जवाब: पेड़ी का गन्ना बीज के लिए कम अच्छा माना जाता है, क्योंकि उसकी गाँठों की आँखें कमजोर होती हैं और रोग का खतरा ज्यादा रहता है। जहाँ तक हो सके, नई फसल के स्वस्थ गन्ने का बीज रखें।

सवाल: खाई विधि के लिए कौन-सी जगह सबसे अच्छी है? जवाब: छायादार, ऊँची और सूखी जगह, जहाँ पानी न भरता हो। पेड़ के नीचे की जगह अच्छी रहती है। खाई के चारों तरफ नाली जरूर बनाएँ ताकि बरसात का पानी अंदर न जाए।

सवाल: बीज गन्ना सूख जाए तो क्या करें? जवाब: हल्का सूखा हो तो पानी छिड़ककर पत्ती से ढक दें — कुछ नमी वापस आ जाती है। पर अगर गाँठों की आँखें पूरी तरह सूखकर भूरी पड़ गई हैं तो वह बीज बेकार है, उसे हटा दें और नया बीज लें।

सवाल: भंडारण में दीमक लग जाए तो क्या करें? जवाब: प्रभावित गन्नों को तुरंत अलग करें और बाकी बीज की जाँच करें। दीमक के उपचार के लिए अपने नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र से सलाह लें — मात्रा के लिए कृषि विशेषज्ञ/कृषि विज्ञान केंद्र से सलाह लें।

सवाल: कौन-सी किस्म का बीज रखना सबसे सुरक्षित है? जवाब: अपने इलाके की मिल में स्वीकृत और पिछले 2-3 साल से अच्छा प्रदर्शन कर रही किस्म का बीज रखें। नई किस्म आजमानी हो तो पहले छोटे रकबे में बोकर देखें।

आखिरी बात

बीज गन्ना भंडारण में कोई बड़ा खर्च नहीं है — न कोई मशीन चाहिए, न कोई महँगी दवा। सही चुनाव, छायादार जगह, खाई विधि और हफ्ते में एक बार जाँच — बस इतने से बीज 4 महीने तक ताजा रहता है और बुवाई के दिन खेत की हर कतार बराबर फूटती है।

नवंबर में जो किसान बीज सँभालकर रख लेता है, उसकी फरवरी की बुवाई आधी जीत पहले ही तय हो जाती है। इसलिए पराई की भागदौड़ के बीच बीज के लिए एक दिन जरूर निकालें — अच्छी फसल की नींव बीज से ही पड़ती है।

🌾 CaneUp किसान सहायता पोर्टल

अपनी समस्या या सवाल दर्ज करें

गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।

1 जिला व मिल चुनें
2 गांव व नाम डालें
3 समस्या लिखकर भेजें
उत्तर प्रदेश का अपना जनपद चुनें
आपके जिले से संबंधित चीनी मिलें
इस नंबर पर आपको पर्ची और भुगतान के व्हाट्सएप अपडेट्स मिलेंगे
जितना स्पष्ट लिखेंगे, उतनी जल्दी सटीक समाधान मिलेगा

🔒 आपकी निजी जानकारी 100% सुरक्षित है। हम कोई स्पैम नहीं भेजते। केवल आपकी मिल से जुड़े आधिकारिक अपडेट्स शेयर किए जाते हैं।

✓
Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

यह आर्टिकल कैसा लगा?

📬 गन्ना अपडेट पाएं

MSP रेट, पर्ची कैलेंडर, सरकारी योजनाएं — सीधे आपके इनबॉक्स में