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यूपी के नए गन्ना आयुक्त बने भवानी सिंह खंगारौत, 122 में से सिर्फ 19 मिलें चालू — किसानों के सामने 5 बड़े सवाल

Aamir Raza Aamir Raza • Nov 6, 2026 • 6 min read
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यूपी के नए गन्ना आयुक्त बने भवानी सिंह खंगारौत, 122 में से सिर्फ 19 मिलें चालू — किसानों के सामने 5 बड़े सवाल
अंतिम अपडेट: November 6, 2026 2:22 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

लखनऊ में शुक्रवार 6 नवंबर को योगी सरकार ने दो आईएएस अधिकारियों के तबादले का आदेश जारी किया और गन्ना विभाग की कमान बदल गई। 2010 बैच के आईएएस अधिकारी भवानी सिंह खंगारौत उत्तर प्रदेश के नए गन्ना आयुक्त बनाए गए हैं, साथ ही उन्हें उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। अब तक गन्ना आयुक्त के पद पर तैनात रहीं 2003 बैच की आईएएस अधिकारी मिनिष्ती एस को सचिव वित्त बनाया गया है। दोनों अधिकारियों ने एक-दूसरे की जगह ली है। यह बदलाव पेराई सत्र 2026-27 के बीच में हुआ है — प्रदेश की 122 चीनी मिलों में से अब तक सिर्फ 19 में पेराई चल रही है और इस सत्र का एसएपी अभी घोषित नहीं हुआ है।

तबादले में क्या-क्या बदला

शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार भवानी सिंह खंगारौत को आयुक्त गन्ना एवं प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम के पद पर भेजा गया है। इससे पहले वह सचिव वित्त के पद पर तैनात थे। दूसरी ओर मिनिष्ती एस अब सचिव वित्त का पद संभालेंगी। वह गन्ना आयुक्त के साथ-साथ राज्य चीनी निगम की प्रबंध निदेशक भी थीं। तबादला शुक्रवार दोपहर को हुआ और दोनों की नई तैनाती का आदेश उसी दिन जारी कर दिया गया। गन्ना आयुक्त ही पेराई सत्र, मिलों को गन्ना आवंटन, पर्ची-कैलेंडर व्यवस्था और बकाया भुगतान की वसूली जैसे फैसलों की धुरी होता है।

कौन हैं भवानी सिंह खंगारौत

भवानी सिंह खंगारौत 2010 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने 2009 में संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा पास की थी। मार्च 2025 में हुए प्रशासनिक फेरबदल में उन्हें मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के पद से हटाकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा विभाग में निदेशक (प्रशासन) नियुक्त किया गया था। इसके बाद उनकी तैनाती सचिव वित्त के पद पर की गई और अब उन्हें गन्ना विभाग की कमान सौंपी गई है। नए आयुक्त को अब एक साथ दो जिम्मेदारियां निभानी हैं — गन्ना आयुक्त के रूप में पूरे प्रदेश की गन्ना व्यवस्था और चीनी निगम के प्रबंध निदेशक के रूप में निगम की मिलों का संचालन।

मिनिष्ती एस अब कहां जाएंगी

2003 बैच की आईएएस अधिकारी मिनिष्ती एस अब वित्त विभाग में सचिव के रूप में कार्यभार देखेंगी। वह गन्ना आयुक्त के पद पर तैनात थीं और उनके कार्यकाल में ही पेराई सत्र 2026-27 की तैयारियां चलीं। किसान संगठनों की नजर इस बात पर रहेगी कि विभाग की प्राथमिकताएं — भुगतान, पर्ची व्यवस्था और एसएपी — नए आयुक्त के आने के बाद किस रफ्तार से आगे बढ़ती हैं।

पेराई सत्र के बीच में बदलाव क्यों मायने रखता है

इस तबादले का सीधा असर 47 लाख से अधिक गन्ना किसानों पर पड़ सकता है, क्योंकि प्रदेश में पेराई सत्र 2026-27 अभी शुरुआती दौर में है। गांव जंक्शन की शुक्रवार की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश की कुल 122 चीनी मिलों में से अब तक सिर्फ 19 मिलों में पेराई शुरू हो सकी है। मानसून की अच्छी बारिश के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गन्ने में नमी बढ़ गई है, जिससे चीनी की रिकवरी प्रभावित हुई है। बिजनौर में रिकवरी पिछले साल से करीब 1.5 प्रतिशत कम है। बरकतपुर चीनी मिल में रिकवरी घटकर 8.5 प्रतिशत रह गई है, जबकि आमतौर पर 10 प्रतिशत की उम्मीद की जाती है। सहारनपुर में इस साल लगभग 1,400 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में करीब 900 मिलीमीटर बारिश हुई थी। नई चीनी की आवक घटने से नवंबर के पहले पखवाड़े में चीनी के दामों में 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल तक की तेजी आ गई है और बरकतपुर मिल की नए सत्र की चीनी की कीमत 5,400 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है।

मेरठ की तीन मिलों में पेराई शुरू

इसी बीच मेरठ जिले की तीन चीनी मिलों — मवाना, दौराला और किनौनी — में पेराई सत्र शुरू हो गया है। शुक्रवार को मवाना मिल का शुभारंभ जल शक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटीक ने किया; किनौनी में गुरुवार को ही पेराई शुरू हो गई थी। मवाना मिल में पहले दिन लगभग 30 हजार क्विंटल गन्ना पहुंचा और पहली बुग्गी लेकर आए किसान अब्दुल को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

नए आयुक्त के सामने 5 बड़े सवाल

नए आयुक्त के सामने पांच ऐसे मुद्दे हैं जिन पर किसानों की सीधी नजर रहेगी। पहला, बाकी 103 मिलें कब चलेंगी — जिन किसानों का गन्ना खेत में खड़ा है, उनके लिए मिल चलना ही सबसे बड़ी राहत है। दूसरा, एसएपी 2026-27 की घोषणा — इस सत्र का भाव अभी घोषित नहीं हुआ है। 2025-26 का एसएपी अगेती किस्म के लिए 400 रुपये प्रति क्विंटल था, जबकि किसान संगठन 550 रुपये तक की मांग कर रहे हैं। तीसरा, बकाया भुगतान — बरेली की केसर चीनी मिल पर किसानों का 162 करोड़ रुपये बकाया है और प्रशासन ने 10 नवंबर तक भुगतान के ठोस कदम की चेतावनी दी है। चौथा, गिरती रिकवरी — गन्ने में नमी से मिलों की लागत बढ़ रही है, जिसका दबाव आगे चलकर किसान के भाव पर पड़ सकता है। पांचवां, पर्ची और कैलेंडर व्यवस्था — पेराई शुरू होने के साथ ही पर्ची, इंडेंट और क्रय केंद्रों पर तौल की व्यवस्था दुरुस्त रखना नए आयुक्त की पहली परीक्षा होगी।

किसानों को अब क्या करना चाहिए

किसान अपनी पर्ची और कैलेंडर की जानकारी ई-गन्ना ऐप या caneup.in पर नियमित रूप से देखें और आपूर्ति से पहले अपने क्रय केंद्र का इंडेंट जरूर जांच लें। गन्ना बेचने के बाद भुगतान की रसीद और एसएमएस संभालकर रखें, ताकि देरी होने पर शिकायत में काम आए। भुगतान में देरी या पर्ची से जुड़ी शिकायत के लिए गन्ना विभाग की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-121-3203 और 1800-180-5129 पर संपर्क किया जा सकता है। एसएमएस के जरिए जानकारी के लिए सरकारी शॉर्टकोड 51969 भी उपलब्ध है। एसएपी की घोषणा पर नजर रखें — इस सत्र का भाव उसी के बाद तय होगा।

आपके सवाल

यूपी के नए गन्ना आयुक्त कौन बने हैं? 2010 बैच के आईएएस अधिकारी भवानी सिंह खंगारौत 6 नवंबर 2026 को उत्तर प्रदेश के नए गन्ना आयुक्त बनाए गए हैं।

भवानी सिंह खंगारौत को और कौन सी जिम्मेदारी मिली है? उन्हें गन्ना आयुक्त के साथ-साथ उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक का पद भी सौंपा गया है।

पहले गन्ना आयुक्त कौन थीं और अब वह कहां हैं? 2003 बैच की आईएएस अधिकारी मिनिष्ती एस अब तक गन्ना आयुक्त थीं। अब उन्हें सचिव वित्त बनाया गया है।

पेराई सत्र 2026-27 में अब तक कितनी मिलें चल रही हैं? प्रदेश की 122 चीनी मिलों में से अब तक सिर्फ 19 मिलों में पेराई शुरू हुई है। बाकी मिलों को जल्द चालू कराने के प्रयास जारी हैं।

एसएपी 2026-27 घोषित हुआ है या नहीं? नहीं, 2026-27 सत्र का राज्य परामर्शित मूल्य अभी घोषित नहीं हुआ है। 2025-26 सत्र का एसएपी अगेती किस्म के लिए 400 रुपये प्रति क्विंटल था।

गन्ना भुगतान की शिकायत कहां करें? टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-121-3203 या 1800-180-5129 पर संपर्क करें। एसएमएस जानकारी के लिए सरकारी शॉर्टकोड 51969 है।

स्रोत: दैनिक जागरण, न्यूज़18 हिंदी, अमर उजाला, गांव जंक्शन — 6 नवंबर 2026।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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