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चीनी मिलों की मैल (प्रेसमड) से बनेगी कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG): यूपी में 12 नए ग्रीन एनर्जी प्लांट को मंजूरी — किसानों को मुफ्त बायो-खाद

Aamir Raza • Sep 24, 2026 • अपडेट: Sep 29, 2026 7:46 AM IST • 4 min read
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चीनी मिलों की मैल (प्रेसमड) से बनेगी कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG): यूपी में 12 नए ग्रीन एनर्जी प्लांट को मंजूरी — किसानों को मुफ्त बायो-खाद
अंतिम अपडेट: September 29, 2026 7:46 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

लखनऊ / मुजफ्फरनगर / मेरठ (CaneUp विशेष ब्यूरो — 24 सितंबर 2026): उत्तर प्रदेश के चीनी उद्योग को प्रदूषण मुक्त और बहुआयामी आय वाला आत्मनिर्भर हब बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (UPNEDA) और राज्य चीनी उद्योग विभाग ने संयुक्त रूप से प्रदेश की 12 सहकारी एवं निजी चीनी मिलों में प्रेसमड (Press Mud) आधारित कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG) उत्पादन संयंत्रों की स्थापना को औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है।

गन्ने की पेराई और चीनी निर्माण के दौरान निकलने वाली मैल (प्रेसमड), जिसे अब तक केवल एक औद्योगिक अपशिष्ट माना जाता था, अब वाहनों के लिए पर्यावरण अनुकूल हरित ईंधन (Green Fuel) और खेतों के लिए बहुमूल्य जैविक खाद (Organic Fertilizer) का सबसे बड़ा स्रोत बनेगी।


🔴 लाइव अपडेट — 29 सितंबर 2026

बिजनौर बनेगा सीएनजी हब — प्रेसमड से 550 करोड़ का निवेश: जिले में गन्ने की प्रेसमड, नेपियर ग्रास और पशुओं के गोबर से सीएनजी बनाने के लिए 550 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हो रहा है, जिसमें से 138 करोड़ रुपये धरातल पर उतर चुके हैं। अनुमान है कि जिले में रोज 60 टन सीएनजी बन सकती है। डीएम जसजीत कौर के मुताबिक कई बड़ी कंपनियां सीबीजी प्लांट लगाने जा रही हैं, जिससे किसानों को भी फायदा होगा। (स्रोत: दैनिक जागरण, 9 सितंबर 2026; चिनीमंडी, 20 अगस्त 2026)

बुंदकी प्लांट से 31 अक्टूबर को उत्पादन की तैयारी: युवा बायो एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड बुंदकी चीनी मिल के पास 100 करोड़ रुपये की लागत से रोज 10 टन क्षमता का सीएनजी उत्पादन प्लांट तेजी से बना रही है। प्रेसमड की आपूर्ति के लिए बुंदकी समेत द्वारिकेश समूह की मिलों के साथ समझौते हो चुके हैं और 31 अक्टूबर से उत्पादन शुरू करने की तैयारी है। गैस बनने के बाद बचा माल जैविक खाद के काम आएगा। (स्रोत: दैनिक जागरण, 9 सितंबर 2026; चिनीमंडी, 20 अगस्त 2026)

और मिलों ने भी भेजे प्रस्ताव: स्योहारा और बिलाई चीनी मिलों ने सीबीजी प्लांट लगाने के प्रस्ताव भेजे हैं, जबकि चांदपुर मिल इस वर्ष प्लांट लगाने पर विचार कर रही है। धामपुर मिल ने प्रेसमड आपूर्ति के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ एमओयू साइन किया है। (स्रोत: दैनिक जागरण, 9 सितंबर 2026; चिनीमंडी, 20 अगस्त 2026)


🏭 इन 12 चीनी मिलों में स्थापित होंगे नए CBG प्लांट्स

  1. पश्चिमी उत्तर प्रदेश (6 इकाइयां): मवाना (मेरठ), दौराला (मेरठ), खतौली (मुजफ्फरनगर), शामली (शामली), असमोली (संभल), अगवानपुर (मुरादाबाद)।
  2. मध्य उत्तर प्रदेश (4 इकाइयां): हरगांव (सीतापुर), गुलरिया (लखीमपुर खीरी), रूपापुर (हरदोई), रोजा (शाहजहांपुर)।
  3. पूर्वी उत्तर प्रदेश (2 इकाइयां): पिपराइच (गोरखपुर - सहकारी) और कुशीनगर।

🌿 किसानों और पर्यावरण को मिलने वाले 3 प्रत्यक्ष लाभ

  1. मुफ्त एवं रियायती दर पर ‘किण्वित जैविक खाद’ (Fermented Organic Manure - FOM): बायो-गैस बनने के बाद निकलने वाली स्लरी (मैल) में 2.5% नाइट्रोजन, 2.0% फास्फोरस और 1.8% पोटाश होता है। यह रासायनिक डीएपी और यूरिया से कहीं अधिक उपजाऊ होती है, जो किसानों को मात्र ₹150 प्रति क्विंटल की नाममात्र दर पर उपलब्ध होगी।
  2. चीनी मिलों की तरलता में मजबूती: प्रतिदिन उत्पादित होने वाली सीबीजी गैस को इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और गेल (GAIL) द्वारा ₹54 प्रति किलोग्राम के तय सरकारी भाव पर खरीदा जाएगा। इससे मिलों को दैनिक नकदी प्रवाह (Daily Cash Flow) मिलेगा, जिससे 14 दिन के भीतर गन्ना भुगतान सुनिश्चित होगा।
  3. कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी: पराली और मैल को खुले में सड़ने से रोकने पर मीथेन गैस का सदुपयोग होगा और वायु प्रदूषण में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज होगी।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: प्रेसमड से बनी सीबीजी खाद क्या सामान्य गोबर खाद से बेहतर है?

उत्तर: जी हाँ! वैज्ञानिक परीक्षणों के अनुसार, सीबीजी खाद में रोगजनक जीवाणु और खरपतवारों के बीज नष्ट हो जाते हैं, जिससे खेत में दीमक या खरपतवार नहीं पनपते और मिट्टी की जल धारण क्षमता 35% बढ़ जाती है।

प्रश्न 2: यह प्लांट्स कब तक चालू हो जाएंगे?

उत्तर: सभी 12 प्लांट्स का सिविल निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और जनवरी 2027 तक इनसे पूर्ण व्यावसायिक गैस उत्पादन प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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