मन्सूरपुर मिल में हवन-पूजन के साथ पेराई शुरू, पहले आए 4 किसानों को इनाम — पश्चिमी यूपी की 9 मिलें चलीं, आपकी मिल कब?

मुजफ्फरनगर के मन्सूरपुर में शुक्रवार को गन्ना पेराई सत्र 2026-27 का आगाज वैदिक मंत्रोच्चार और हवन-पूजन के साथ हुआ। धामपुर बायो आर्गेनिक्स लिमिटेड की मन्सूरपुर यूनिट में केन कैरियर की पूजा के बाद नारियल फोड़कर गन्ना डाला गया और मिल का पहिया औपचारिक रूप से घूमने लगा। मिल परिसर में सुबह से ही किसानों और गणमान्य लोगों की भीड़ जुटी रही, और गन्ने की पहली खेप लेकर पहुंचे चार किसानों को अंगवस्त्र, मिठाई और नकद इनाम देकर सम्मानित किया गया।
यह शुरुआत ऐसे समय में हुई है जब पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कई मिलों में पेराई अब भी बारिश और नमी के कारण अटकी हुई है। गन्ना विकास विभाग के अनुसार प्रदेश की 9 चीनी मिलों में पेराई शुरू हो चुकी है, जबकि 33 मिलों ने गन्ना खरीद के लिए इंडेंट जारी कर दिया है।

5 नवंबर तक चीनी उत्पादन 4 गुना, 12.85 लाख टन
पढ़ें →हवन-पूजन के साथ हुआ सत्र का शुभारंभ
मिल परिसर में नए पेराई सत्र के अवसर पर भव्य हवन-पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। पंडित अखिलेश तिवारी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूर्ण विधि-विधान से धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया। इस हवन-पूजन में चीनी मिल के उपाध्यक्ष सुधीर कुमार तथा गन्ना महाप्रबंधक उत्तम वर्मा ने मुख्य यजमान के रूप में आहुति दी।
मुख्य समारोह के दौरान केन कैरियर में पूजा-अर्चना के बाद नारियल फोड़कर और गन्ना डालकर नए सत्र का औपचारिक आगाज किया गया। फैक्ट्री मैनेजर विवस्वान त्रिपाठी, महाप्रबंधक उत्पादन रविंद्र कुमार, महाप्रबंधक यांत्रिक रविकांत मिश्रा तथा महाप्रबंधक वित्त गोपाल गंगवार सहित भारी संख्या में मिल कर्मचारी व क्षेत्रीय किसान इस शुभ अवसर के साक्षी बने।
पहली खेप लाने वाले 4 किसानों को सम्मान
मिल परिसर में गन्ने की पहली खेप लेकर पहुंचे किसानों को सम्मानित करने की परंपरा का निर्वहन किया गया। सबसे पहले बुग्गी और ट्राली लेकर पहुंचे चार किसानों — सचिन कुमार पुत्र चरण सिंह (प्रथम बुग्गी चालक), हरेंद्र पुत्र अजीत (ग्राम दूधाहेड़ी), मनोज त्यागी पुत्र धर्मपाल (ग्राम पुरा) और माया पुत्र शौराज (ग्राम घासीपुरा) — को अंगवस्त्र, मिठाई और नकद इनाम देकर सम्मानित किया गया।
समारोह में गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन अरुण बालियान, तितावी समिति के चेयरमैन भोलाशंकर, वरिष्ठ रालोद नेता संजय राठी सहित क्षेत्र के कई किसान नेता और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
मुजफ्फरनगर में और मिलों का हाल
मन्सूरपुर के साथ-साथ मुजफ्फरनगर जनपद की अन्य मिलों में भी पेराई सत्र का आगाज हो रहा है। रोहाना स्थित आईपीएल चीनी मिल का गन्ना पेराई सत्र भी शुरू हो गया है।
गौरतलब है कि इस साल मानसून की भारी बारिश ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना क्षेत्र को खासा प्रभावित किया है। खेतों में पानी भरने से गन्ने की कटाई और छिलाई का काम पिछड़ा, और कई मिलों को अपना पेराई कार्यक्रम आगे बढ़ाना पड़ा। बिजनौर की धामपुर चीनी मिल का सत्र भी 5 नवंबर के बजाय अब 11 नवंबर से शुरू होगा, जबकि वहां 8 नवंबर से सेंटरों पर गन्ने की तौल शुरू हो रही है।
गन्ना विकास विभाग के अनुसार, प्रदेश की 9 चीनी मिलों में पेराई शुरू हो चुकी है — इनमें सहकारी क्षेत्र की एक और निजी क्षेत्र की आठ मिलें हैं। कुल 33 मिलों ने गन्ना खरीद के लिए इंडेंट जारी कर दिया है। प्रदेश में 47 लाख से अधिक किसान चीनी मिलों को गन्ना बेचते हैं, और चालू सत्र में 28.14 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती हुई है।
एसएपी पर अब भी फैसला बाकी — किसानों की नजर सरकार पर
पेराई शुरू होने के साथ ही किसानों की नजर अब गन्ने के राज्य परामर्श मूल्य (एसएपी) पर टिकी है। 2026-27 सत्र के लिए एसएपी की घोषणा अभी बाकी है। पिछले पेराई सत्र 2025-26 के लिए अगेती किस्म का गन्ना मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य किस्म का मूल्य 390 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था।
सरकार 2026-27 सत्र के लिए एसएपी में 10 से 20 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी पर विचार कर रही है, हालांकि इस पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है। किसान संगठनों ने 50 से 100 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की मांग की है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने सरकार से गन्ने का दाम कम से कम 100 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाने की मांग की है और कहा है कि किसानों को राहत देने के लिए गन्ने का भाव 500 रुपये प्रति क्विंटल किया जाना चाहिए। टिकैत के मुताबिक, गन्ने की उत्पादन लागत अब 400 रुपये प्रति क्विंटल से ऊपर पहुंच चुकी है। मिल मालिकों की ओर से दरों में बढ़ोतरी न करने की मांग की जा रही है।
किसानों को क्या करना चाहिए — पर्ची और तौल की तैयारी
पेराई सत्र शुरू होने के साथ किसानों के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सबसे पहले अपनी गन्ना समिति से जारी पर्ची की तारीख जरूर जांच लें — बारिश के कारण कई मिलों में पर्चियों की तौल तिथियां बदली गई हैं। धामपुर मिल क्षेत्र में ही 2 और 3 नवंबर की पर्चियों की तौल 8 और 9 नवंबर को कर दी गई है। इसलिए मिल जाने से पहले अपनी पर्ची की नई तारीख की पुष्टि कर लें।
दूसरा, तौल केंद्र पर साफ-सुथरा गन्ना लेकर जाएं — नमी वाले और गंदे गन्ने से रिकवरी घटती है। गन्ने की कटाई के बाद उसे ज्यादा देर तक खेत में न छोड़ें। तीसरा, गन्ना आपूर्ति के बाद भुगतान की रसीद और पर्ची की प्रति संभालकर रखें। जिन किसानों की मिल अभी नहीं चली है, वे अपनी गन्ना समिति से संपर्क में रहें — मिल के इंडेंट जारी होने के बाद ही तौल की तारीख तय होती है। अगर किसी मिल में भुगतान का बकाया है, तो जिला गन्ना अधिकारी के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
पश्चिमी यूपी के किसानों के लिए राहत की खबर
मन्सूरपुर मिल का चलना मुजफ्फरनगर और आसपास के किसानों के लिए बड़ी राहत है। पेराई शुरू होने से किसानों को अपनी फसल समय पर बेचने का मौका मिलेगा और खेत समय से खाली होकर गेहूं की बोआई के लिए तैयार हो सकेंगे। आने वाले दिनों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की और मिलों के चलने की उम्मीद है।
जवाब जानिए
मन्सूरपुर चीनी मिल में पेराई सत्र कब शुरू हुआ?
मन्सूरपुर स्थित धामपुर बायो आर्गेनिक्स लिमिटेड की यूनिट में गन्ना पेराई सत्र 2026-27 का शुभारंभ 6 नवंबर 2026 को हवन-पूजन के साथ हुआ।
पहली खेप लाने वाले किसानों को क्या सम्मान मिला?
सबसे पहले बुग्गी और ट्राली लेकर पहुंचे चार किसानों — सचिन कुमार, हरेंद्र, मनोज त्यागी और माया — को अंगवस्त्र, मिठाई और नकद इनाम दिया गया।
यूपी में अब तक कितनी चीनी मिलों में पेराई शुरू हुई है?
गन्ना विकास विभाग के अनुसार प्रदेश की 9 चीनी मिलों में पेराई शुरू हो चुकी है, जबकि 33 मिलों ने गन्ना खरीद के लिए इंडेंट जारी कर दिया है।
2026-27 सत्र के लिए गन्ने का एसएपी क्या है?
2026-27 सत्र के लिए एसएपी की घोषणा अभी बाकी है। पिछले सत्र 2025-26 में अगेती किस्म के लिए 400 रुपये और सामान्य किस्म के लिए 390 रुपये प्रति क्विंटल एसएपी तय था। सरकार 10 से 20 रुपये की बढ़ोतरी पर विचार कर रही है।
बारिश के कारण पर्ची की तारीख बदल जाए तो किसान क्या करें?
किसान अपनी गन्ना समिति से पर्ची की नई तौल तारीख की पुष्टि कर लें। धामपुर मिल क्षेत्र में 2 और 3 नवंबर की पर्चियों की तौल 8 और 9 नवंबर को कर दी गई है।
स्रोत: रॉयल बुलेटिन (6 नवंबर 2026), पूजा न्यूज़ (4 नवंबर 2026), ट्रैक्टर जंक्शन (4 नवंबर 2026), गांव जंक्शन (3 नवंबर 2026), बिज़नेस स्टैंडर्ड (3 नवंबर 2026)
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