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मौसम विभाग का येलो अलर्ट: पश्चिमी यूपी में 26-27 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी — 14 फीट ऊंचे गन्ने को गिरने से बचाने की एडवाइजरी

Aamir Raza • Sep 24, 2026 • अपडेट: Sep 29, 2026 7:08 AM IST • 3 min read
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मौसम विभाग का येलो अलर्ट: पश्चिमी यूपी में 26-27 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी — 14 फीट ऊंचे गन्ने को गिरने से बचाने की एडवाइजरी
अंतिम अपडेट: September 29, 2026 7:08 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

मुजफ्फरनगर / मेरठ / लखनऊ (CaneUp विशेष ब्यूरो — 24 सितंबर 2026 शाम 5:25 बजे): पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना बहुल अंचल के किसानों के लिए मौसम विभाग ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से उठे नए डिप्रेशन और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से 26 और 27 सितंबर को मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, बिजनौर, मुरादाबाद और बागपत में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का ‘येलो अलर्ट’ (Yellow Alert) घोषित किया गया है।

गन्ने की फसल इस समय 12 से 14 फीट ऊंची हो चुकी है और उसमें भारी वजन आ चुका है। ऐसे में तेज हवा और खेत में पानी भरने से फसल के जड़ से उखड़ने या गिरने (Lodging) की भारी आशंका बन गई है।


🔴 लाइव अपडेट — 29 सितंबर 2026

26 सितंबर को पश्चिमी यूपी में अत्यंत भारी बारिश, गन्ना बेल्ट के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट। बंगाल की खाड़ी से उठे डिप्रेशन के चलते मौसम विभाग ने 26 सितंबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया, साथ ही 40 से 50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं का पूर्वानुमान रहा। बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं समेत कई जिलों में भारी बारिश को लेकर प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए।

लखनऊ में 48 घंटे से बारिश, एयरपोर्ट पर 135.8 मिमी रिकॉर्ड। राजधानी लखनऊ समेत पूरे यूपी में 25 सितंबर की सुबह से 26 सितंबर की रात तक बारिश का दौर बना रहा, जिससे निचले इलाकों में जलभराव हो गया। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी यूपी में 27 से 29 सितंबर तक बारिश की संभावना बनी रही, वहीं 28 सितंबर से भारी बारिश को लेकर बड़ी चेतावनी नहीं है। किसान अब खेतों से जल निकासी पूरी करें, क्योंकि एडवाइजरी में बताया जा चुका है कि गिरा हुआ गन्ना अंकुरित होकर सुक्रोज खोने लगता है।


🌾 गन्ने को गिरने से बचाने के 4 वैज्ञानिक उपाय (UPCSR एडवाइजरी)

  1. कैंचीनुमा बंधाई (Cross Propping): गन्ने की आमने-सामने की दो पंक्तियों के 4 से 6 गन्नों को मिलाकर सूखी पत्तियों से ‘X’ आकार में बांधें। एकल गन्ने की तुलना में बंधी हुई फसल आंधी को आसानी से झेल लेती है।
  2. खेतों से जल निकासी (Drainage System): खेत के चारों ओर बनी निकासी नालियों को तुरंत साफ कर लें, ताकि भारी बारिश का पानी 24 घंटे से अधिक खेत में न ठहरे। जलभराव से जड़ें कमजोर होकर पौधा गिर जाता है।
  3. नाइट्रोजन/यूरिया का छिड़काव तुरंत रोकें: बारिश के मौसम में यूरिया डालने से तना कोमल हो जाता है और टूटने का खतरा बढ़ जाता है।
  4. गिरे हुए गन्ने को तुरंत सीधा न करें: यदि तेज हवा से गन्ना गिर जाए, तो उसे तुरंत जबरन सीधा खड़ा करने की कोशिश न करें, इससे जड़ें टूट जाती हैं। गन्ने के अगोले को केवल जमीन से थोड़ा ऊपर उठाकर बांध दें।

⚠️ गिरने से होने वाले 3 बड़े नुकसान

  • चीनी परता (Recovery) में भारी गिरावट: गिरा हुआ गन्ना अंकुरित होने लगता है (Shooting), जिससे सुक्रोज टूटकर ग्लूकोज में बदल जाता है और चीनी रिकवरी 1.5 से 2% घट जाती है।
  • चूहों और जंगली जानवरों का प्रकोप: जमीन पर लेटे गन्ने को चूहे और जंगली सुअर तेजी से कुतरते हैं।
  • मिलों द्वारा कटौती: मुड़े और सड़े हुए गन्ने पर मिलें 5 से 10% की रिजेक्शन या डिडक्शन काटती हैं।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: बंधाई करते समय हरी पत्तियों का उपयोग करना चाहिए या सूखी पत्तियों का?

उत्तर: हमेशा नीचे की सूखी पत्तियों (Trash) का उपयोग करें। ऊपर की हरी पत्तियों को बांधने से प्रकाश संश्लेषण प्रभावित होता है।

🌾 CaneUp किसान सहायता पोर्टल

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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