धामपुर में 8 नवंबर से सेंटरों पर गन्ना तौल, 11 नवंबर को पेराई शुरू — 2 से 4 नवंबर की पर्ची अब इन नई तारीखों पर तुलेगी

धामपुर से जुड़े 90 हजार से ज्यादा किसानों के लिए नई तारीखें आ गई हैं। धामपुर चीनी मिल का पेराई सत्र 5 नवंबर के बजाय अब 11 नवंबर 2026 से शुरू होगा, जबकि सेंटरों पर तौल 8 नवंबर से शुरू हो जाएगी। गन्ना समिति ने पर्चियों की तिथियां बढ़ा दी हैं।
सबसे जरूरी बदलाव पर्ची की तारीखों में है। 2 नवंबर की पर्ची अब 8 नवंबर को, 3 नवंबर की पर्ची 9 नवंबर को और 4 नवंबर की पर्ची 10 नवंबर को तौली जाएगी। पुरानी तारीख पर सेंटर पहुंचने पर इंतजार और गन्ना सूखने का नुकसान हो सकता है। इसलिए नई तारीख को ही सही मानें।
पर्ची की नई तारीखें एक नजर में
- 2 नवंबर की पर्ची — अब 8 नवंबर को तुलेगी
- 3 नवंबर की पर्ची — अब 9 नवंबर को तुलेगी
- 4 नवंबर की पर्ची — अब 10 नवंबर को तुलेगी
- सभी गन्ना सेंटरों पर तौल — 8 नवंबर से शुरू
- धामपुर मिल का पेराई सत्र — 11 नवंबर से शुरू
मिल के उपाध्यक्ष आशीष शर्मा और सहायक उपाध्यक्ष संजीव कुमार ने रविवार को यह जानकारी दी। मिल ने 5 नवंबर को सत्र शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली थी, लेकिन मौसम ने इस पर पानी फेर दिया। अब 11 नवंबर को मिल का विधिवत उद्घाटन होगा।
5 नवंबर से 11 नवंबर क्यों टला सत्र
इस टालमटोल की वजह कोई तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि खेतों में भरा पानी है। खराब मौसम और लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है, जिससे गन्ने की कटाई प्रभावित हुई है। गीले खेत में ट्रैक्टर फंसता है, गन्ना गिर जाता है और ढुलाई भी अटक जाती है। ऐसे में मिल चल भी जाती तो सेंटरों से तय मात्रा में गन्ना नहीं पहुंच पाता।
मिल प्रबंधन ने बताया है कि बेमौसम बारिश से फसल पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है और बोआई भी लक्ष्य के अनुरूप नहीं हुई है। बारिश के बाद गन्ने में नमी ज्यादा रहती है और शुरुआती रिकवरी कम आती है, इसलिए कई मिलें गन्ने के सूखने का इंतजार कर रही हैं।
पहले जारी इंडेंट क्या हुआ
धामपुर मिल में पूजन के बाद मिल प्रबंधन ने पहले 2 नवंबर से गन्ने की तौल के लिए इंडेंट जारी किया था। इसमें 2 नवंबर के लिए 30 हजार क्विंटल और 3 नवंबर के लिए 32 हजार क्विंटल गन्ना शामिल था। मिल क्षेत्र की सात समितियों को पर्चियां जारी करने के लिए यह इंडेंट भेजा गया था।
अब वही इंडेंट स्थगित कर दिया गया है और पर्चियों की तारीखें आगे बढ़ा दी गई हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि पर्चियां रद्द हो गई हैं। पर्चियां वही रहेंगी, सिर्फ तौल की तारीख बदली है। इसलिए पुरानी पर्ची को फेंकें नहीं और नई पर्ची के लिए अलग से भागदौड़ न करें, जब तक समिति या सेंटर से कोई दूसरा निर्देश न मिले।
बिजनौर की 10 मिलें: 2.57 लाख हेक्टेयर का गन्ना
धामपुर की खबर को अकेले में न देखें, क्योंकि पूरा बिजनौर जिला ही इस बार देरी से चल रहा है। जिले में 10 चीनी मिलें हैं और करीब 2.57 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती होती है। धामपुर मिल क्षेत्र में अकेले करीब 530 गांव शामिल हैं और 90 हजार से अधिक किसान इस मिल को गन्ना देते हैं। मिल ने 181 गन्ना सेंटर स्थापित किए हैं।
बरकातपुर शुगर मिल ने 1 नवंबर को अपना सत्र शुरू कर दिया है, जबकि जिले की 9 मिलें नवंबर के पहले पखवाड़े में अलग-अलग तारीखों पर चलेंगी। पिछले सत्र में बिलाई 3, बरकातपुर 5, धामपुर 6 और ज्यादातर मिलें 7 नवंबर को चली थीं। जिला गन्ना अधिकारी बृजेश कुमार पटेल ने कहा है कि बारिश से मिलों के संचालन पर असर पड़ा है।
प्रदेश का हाल: 9 मिलों में पेराई चालू, 33 ने इंडेंट जारी किए
प्रदेश में पेराई सत्र 2026-27 शुरू हो चुका है। गन्ना विकास विभाग के अनुसार 9 मिलों में पेराई शुरू हो चुकी है, जिनमें एक सहकारी और आठ निजी मिलें हैं। 33 मिलों ने गन्ना खरीद के लिए इंडेंट जारी कर दिए हैं। प्रदेश में 47 लाख से अधिक किसान मिलों को गन्ना बेचते हैं।
एसएपी का सवाल: 2026-27 की घोषणा अभी बाकी है
पेराई की तारीखों के साथ किसानों का दूसरा बड़ा सवाल गन्ने के भाव का है। साफ तौर पर जान लें कि पेराई सत्र 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश के राज्य परामर्श मूल्य, यानी एसएपी, की घोषणा अभी बाकी है। पिछले सत्र 2025-26 में अगेती किस्म का एसएपी 400 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य किस्म का 390 रुपये प्रति क्विंटल था। यह आंकड़ा पिछले सत्र का है, इसे नए सत्र का घोषित भाव न समझें।
किसान संगठन भाव बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। नरेश टिकैत भाव 100 रुपये बढ़ाकर 500 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग कर चुके हैं। एसएपी में 10 से 20 रुपये की बढ़ोतरी पर विचार की खबरें हैं, लेकिन यह घोषणा नहीं है।
किसान क्या करें: तौल से पहले यह जांच जरूर करें
सबसे पहले अपनी पर्ची की नई तारीख दोबारा जांच लें। 2 नवंबर की पर्ची है तो 8 नवंबर, 3 नवंबर की है तो 9 नवंबर और 4 नवंबर की है तो 10 नवंबर को सेंटर जाएं। सेंटर का नाम भी जांच लें, क्योंकि धामपुर क्षेत्र में 181 सेंटर हैं और गलत सेंटर पर पहुंचना भी एक दिन बर्बाद कर सकता है।
खेत में पानी भरा हो तो पहले उसकी निकासी करें, क्योंकि गीला गन्ना भेजने से रिकवरी कम आती है। गिरा गन्ना बांधकर खड़ा करें और कटाई के बाद गन्ने को ज्यादा दिन खेत में न छोड़ें। तौल पर्ची पर वजन, तारीख और सेंटर का नाम जांचकर उसकी फोटो अपने पास रखें।
आगे क्या देखना होगा
अब सबकी नजर 8 नवंबर पर है, जब सेंटरों पर तौल शुरू होगी। अगर व्यवस्था सुचारू रही तो 11 नवंबर को मिल का उद्घाटन समय पर हो जाएगा। बारिश फिर लौटी तो तारीखों में फिर बदलाव भी संभव है, इसलिए समिति की नई सूचना पर नजर रखें।
जवाब जानिए
धामपुर चीनी मिल का पेराई सत्र कब शुरू होगा? धामपुर चीनी मिल का पेराई सत्र 5 नवंबर के बजाय अब 11 नवंबर 2026 से शुरू होगा। खराब मौसम और खेतों में पानी भरने के कारण मिल प्रबंधन ने यह तारीख बदली है।
धामपुर के सेंटरों पर गन्ना तौल कब से शुरू होगी? सभी सेंटरों पर तौल 8 नवंबर 2026 से शुरू होगी। मिल के 181 सेंटर हैं और 530 गांवों के 90 हजार से अधिक किसान इससे जुड़े हैं।
2, 3 और 4 नवंबर की पर्चियां अब कब तौली जाएंगी? 2 नवंबर की पर्ची 8 नवंबर को, 3 नवंबर की पर्ची 9 नवंबर को और 4 नवंबर की पर्ची 10 नवंबर को तौली जाएगी। इसके आदेश जारी हो चुके हैं।
क्या पुरानी पर्ची रद्द हो गई है? नहीं, पर्ची रद्द नहीं हुई है। पहले जारी इंडेंट को स्थगित करके पर्चियों की तारीखें आगे बढ़ाई गई हैं। पुरानी पर्ची संभालकर रखें और नई तारीख पर ही सेंटर जाएं।
पेराई सत्र 2026-27 के लिए यूपी का एसएपी क्या है? 2026-27 के लिए यूपी एसएपी की घोषणा अभी बाकी है। पिछले सत्र में अगेती 400 रुपये और सामान्य 390 रुपये प्रति क्विंटल था, यह नए सत्र की दर नहीं है।
स्रोत: अमर उजाला (बिजनौर समाचार, 1 और 3 नवंबर 2026), गन्ना विकास विभाग उत्तर प्रदेश, चीनीमंडी।
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