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चीनी एक महीने में ₹4 प्रति किलो महंगी, औसत खुदरा भाव ₹59.50 पहुंचा — कोलकाता में ₹65, यूपी के गन्ना किसानों के लिए क्या मतलब

Aamir Raza Aamir Raza • Nov 5, 2026 • 6 min read
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चीनी एक महीने में ₹4 प्रति किलो महंगी, औसत खुदरा भाव ₹59.50 पहुंचा — कोलकाता में ₹65, यूपी के गन्ना किसानों के लिए क्या मतलब
अंतिम अपडेट: November 5, 2026 6:51 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

दीपावली से ठीक पहले रसोई का बजट बिगाड़ने वाली खबर आई है। देश में चीनी का औसत खुदरा भाव ₹59.50 प्रति किलो तक पहुंच गया है, जबकि थोक भाव ₹55.40 प्रति किलो दर्ज किया गया है। पिछले एक महीने में ही चीनी ₹4 प्रति किलो से ज्यादा महंगी हो चुकी है, और साल भर पहले के मुकाबले भाव ₹12 से ₹13 प्रति किलो ऊपर चल रहा है। यह आंकड़ा केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों पर आधारित है, जिसकी खबर 4 नवंबर को सामने आई।

सबसे ज्यादा मार महानगरों में दिख रही है। 3 नवंबर को कोलकाता में चीनी का खुदरा भाव ₹65 प्रति किलो रहा, जो देश के बड़े शहरों में सबसे ज्यादा है। एक साल पहले इसी दिन कोलकाता में भाव ₹50 प्रति किलो था। दिल्ली में भाव ₹64 प्रति किलो पहुंच गया है, जबकि पिछले साल यह ₹46 था। मुंबई में चीनी ₹61 प्रति किलो बिक रही है, जो एक साल पहले ₹45 थी।

उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए यह खबर दो तरफा है। एक तरफ चीनी के तेज भाव का मतलब है कि मिलों की कमाई का रास्ता खुला है, जिससे समय पर गन्ना भुगतान की उम्मीद बढ़ती है। दूसरी तरफ, जब तक राज्य सरकार 2026-27 सत्र का गन्ना मूल्य घोषित नहीं करती, किसान को यह पता नहीं चलता कि उसे अपने गन्ने का नया भाव क्या मिलेगा।

आंकड़े क्या कहते हैं

मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, एक साल पहले खुदरा भाव ₹46.50 प्रति किलो और थोक भाव ₹43.23 प्रति किलो था। इस तरह सालाना आधार पर खुदरा भाव में करीब ₹13 और थोक भाव में करीब ₹12 की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। पिछले एक महीने में खुदरा और थोक दोनों बाजारों में भाव ₹4 प्रति किलो से ज्यादा बढ़ा है।

यह बढ़ोतरी अचानक नहीं हुई है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग हर साल बढ़ती है, लेकिन इस बार मांग के साथ-साथ आपूर्ति की दिक्कतें भी जुड़ गई हैं। 2025-26 सत्र में चीनी का उत्पादन पहले के अनुमान से कम रहा। खराब मौसम से गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा, जिससे कई इलाकों में पैदावार और रिकवरी प्रभावित हुई।

महानगरों में भाव: कोलकाता सबसे महंगा

3 नवंबर के आंकड़े शहरों के बीच का फर्क साफ दिखाते हैं। कोलकाता में खुदरा भाव ₹65 प्रति किलो रहा, जो एक साल पहले ₹50 था। दिल्ली में भाव ₹64 प्रति किलो दर्ज हुआ, जबकि पिछले साल यह ₹46 था, यानी दिल्ली में भी एक साल में ₹18 की बढ़ोतरी हुई है। मुंबई में भाव ₹61 प्रति किलो रहा, जो पिछले साल ₹45 था।

यूपी का हाल: मुजफ्फरनगर में एक्स-मिल भाव ₹5,450 से ₹5,550 प्रति क्विंटल

उत्तर प्रदेश के बाजार से भी तेज भाव की पुष्टि होती है। 4 नवंबर के चीनी बाजार अपडेट के मुताबिक, मुजफ्फरनगर में एम-ग्रेड चीनी का एक्स-मिल भाव ₹5,450 से ₹5,550 प्रति क्विंटल रहा। यह भाव जीएसटी से अलग है। मुजफ्फरनगर का स्पॉट भाव ₹5,827.50 प्रति क्विंटल और दिल्ली का स्पॉट भाव ₹5,859 प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। आसान भाषा में कहें तो मिल के गेट पर चीनी का भाव करीब ₹54.50 से ₹55.50 प्रति किलो है, जो थोक के औसत भाव ₹55.40 से मेल खाता है।

प्रदेश में पेराई सत्र 2026-27 पहले ही शुरू हो चुका है। गन्ना विकास विभाग के मुताबिक, 9 चीनी मिलों में पेराई शुरू हो गई है और 33 मिलों ने गन्ना खरीद के लिए इंडेंट जारी कर दिया है।

गन्ना मूल्य का सवाल: 2026-27 का एसएपी अभी घोषित नहीं हुआ है

उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए सबसे बड़ा सवाल अभी भी अनुत्तरित है। 2026-27 पेराई सत्र का एसएपी अभी घोषित नहीं हुआ है। खबरों के मुताबिक, सरकार एसएपी में ₹10 से ₹20 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी पर विचार कर रही है, जबकि किसान संगठनों ने ₹50 से ₹100 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की मांग की है। भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने गन्ने का भाव ₹500 प्रति क्विंटल करने की मांग रखी है।

पिछले सत्र का भाव याद रखना भी जरूरी है, ताकि कोई भ्रम न रहे। पेराई सत्र 2025-26 के लिए अगेती किस्म का एसएपी ₹400 प्रति क्विंटल और सामान्य किस्म का ₹390 प्रति क्विंटल तय किया गया था। यह पिछले सत्र का भाव है, मौजूदा सत्र का नहीं। केंद्र की ओर से 2026-27 के लिए गन्ने का एफआरपी ₹365 प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो 10.25 प्रतिशत की मूल रिकवरी पर आधारित है।

सरकार ने भाव रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं

चीनी के भाव को काबू में रखने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। चीनी डीलरों के लिए भंडार रखने की सीमा घटाकर 1,000 क्विंटल कर दी गई है, और यह नियम 15 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगा। इसका मकसद जमाखोरी रोकना है, ताकि व्यापारी चीनी रोककर भाव न बढ़ा सकें।

केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर 31 अक्टूबर 2026 तक 10 लाख टन चीनी के आयात की अनुमति भी दी है। आयात से घरेलू आपूर्ति बढ़ती है, जिससे भाव पर दबाव कम होता है।

किसान के लिए काम की बातें

महंगाई के बीच एक राहत का रास्ता भी खुला है। लखनऊ में लाल बहादुर शास्त्री गन्ना किसान संस्थान परिसर में स्थित चीनी निगम और सहकारी चीनी मिल संघ के बिक्री केंद्र पर आमजन को ₹52 प्रति किलो की रियायती दर पर चीनी मिल रही है। यहां 1 किलो का पैकेट ₹52, 2 किलो का ₹102, 5 किलो का ₹250 और 50 किलो का ₹2,500 में मिलता है।

तेज भाव के दौर में किसान को सबसे पहले अपने भुगतान पर नजर रखनी चाहिए। अपनी पर्ची, तौल और भुगतान की तारीख का रिकॉर्ड संभालकर रखें। अगर किसी मिल में पुराना बकाया अटका है, तो उसकी शिकायत गन्ना विभाग के टोल-फ्री नंबरों पर दर्ज कराई जा सकती है। सत्यापित हेल्पलाइन नंबर हैं: टोल-फ्री 1800-121-3203 और 1800-180-5129। सरकारी एसएमएस शॉर्टकोड 51969 भी किसानों के काम आता है।

आगे क्या देखना होगा

किसानों के लिए इस खबर का सार सीधा है। चीनी महंगी हुई है, बाजार मजबूत है, लेकिन गन्ने का नया भाव अभी घोषित नहीं हुआ है। पर्ची, तौल और भुगतान का रिकॉर्ड रखें, सरकारी हेल्पलाइन का इस्तेमाल करें और एसएपी की औपचारिक घोषणा का इंतजार करें।

पूछे जाने वाले प्रश्न

चीनी का औसत खुदरा भाव अभी कितना है? देश में चीनी का औसत खुदरा भाव ₹59.50 प्रति किलो और थोक भाव ₹55.40 प्रति किलो है। एक साल पहले खुदरा भाव ₹46.50 और थोक भाव ₹43.23 प्रति किलो था।

सबसे महंगी चीनी किस शहर में बिक रही है? 3 नवंबर को कोलकाता में खुदरा भाव ₹65 प्रति किलो रहा, जो महानगरों में सबसे ज्यादा है। दिल्ली में ₹64 और मुंबई में ₹61 प्रति किलो भाव दर्ज हुआ है।

यूपी में 2026-27 का गन्ना भाव घोषित हुआ है क्या? नहीं, 2026-27 सत्र का एसएपी अभी घोषित नहीं हुआ है। सरकार ₹10 से ₹20 प्रति क्विंटल बढ़ोतरी पर विचार कर रही है, जबकि किसान ₹500 प्रति क्विंटल तक की मांग कर रहे हैं। पिछले सत्र 2025-26 में अगेती का एसएपी ₹400 और सामान्य का ₹390 प्रति क्विंटल था।

गन्ना भुगतान की शिकायत कहां करें? गन्ना विभाग के सत्यापित टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 और 1800-180-5129 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। सरकारी एसएमएस शॉर्टकोड 51969 भी उपलब्ध है।

स्रोत: टाइम्स नाउ नवभारत, सन्मार्ग, हिंदी बिजनेस स्टैंडर्ड, चीनीमंडी

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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