बिजनौर: 25 नवंबर तक बिलाई मिल चुकाएगी पूरा बकाया, जबरन स्मार्ट मीटर पर रोक — महापंचायत के बाद किसानों को 5 बड़ी राहत

बिजनौर के गन्ना किसानों के लिए 2 नवंबर की बैठक राहत की बड़ी खबर लेकर आई है। विकास भवन सभागार में अपर जिलाधिकारी अंशिका दीक्षित की अध्यक्षता में प्रशासन के अधिकारियों और भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों के बीच लंबी वार्ता हुई। भाकियू जिलाध्यक्ष सुनील प्रधान के नेतृत्व में किसान नेताओं ने अपनी मांगें मजबूती से रखीं और बैठक के बाद कई बिंदुओं पर सहमति बनने की बात सामने आई है।
इस बैठक की सबसे बड़ी खबर गन्ना बकाये की तारीख तय होना है। बिलाई चीनी मिल किसानों का पूरा बकाया 25 नवंबर तक चुकाएगी, जबकि बजाज ग्रुप की मिलें 5 दिसंबर तक शत-प्रतिशत भुगतान करेंगी। इसके साथ ही किसी भी किसान के घर पर जबरदस्ती स्मार्ट मीटर नहीं लगाया जाएगा, इस पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। पेराई सत्र की शुरुआत से ही किसानों को मौली देने और गन्ने में सूख के नाम पर कटौती न करने की बात भी बैठक में साफ हुई है।
यह बैठक हाल में नुमाइश ग्राउंड में हुई विशाल किसान महापंचायत के बाद हुई है। बिजनौर जिले की 10 चीनी मिलों में से नौ ने पिछले सत्र का पूरा भुगतान कर दिया है, केवल बिलाई मिल पर बकाया लंबित है। बिलाई मिल से करीब 31 हजार किसान जुड़े हैं, इसलिए यह तारीख इन परिवारों के लिए सबसे अहम है।
बैठक कब, कहां और कौन मौजूद रहा
सोमवार, 2 नवंबर को बिजनौर के विकास भवन सभागार में यह वार्ता हुई। अपर जिलाधिकारी अंशिका दीक्षित की अध्यक्षता में प्रशासन और किसान नेताओं के बीच विभिन्न समस्याओं पर चर्चा हुई। भाकियू जिलाध्यक्ष सुनील प्रधान के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने किसानों की समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। बैठक में प्रदेश महासचिव ठाकुर रामावतार सिंह, बाबूराम तोमर, कुलदीप सिंह, मुनींद्र सिंह, डॉ. विजय चौधरी, मीडिया प्रभारी संदीप त्यागी सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में गन्ना बकाया के अलावा स्मार्ट मीटर, मुकदमे, धान केंद्र, गुलदार और सड़क जैसे मुद्दे भी उठे। अब असली परीक्षा यह है कि तय समयसीमा में मिलें और प्रशासन अपने वादों पर कितना खरा उतरते हैं।
5 बड़े फैसले, एक नजर में
पहला फैसला स्मार्ट मीटर को लेकर है: अब किसी भी किसान के घर पर जबरदस्ती स्मार्ट मीटर नहीं लगाया जाएगा, इस पर पूरी तरह रोक है।
दूसरा फैसला गन्ना बकाये की तारीख को लेकर है: बिलाई मिल 25 नवंबर तक पूरा बकाया चुकाएगी और बजाज मिलें 5 दिसंबर तक शत-प्रतिशत भुगतान करेंगी।
तीसरा फैसला सूख कटौती और मौली को लेकर है: सूख के नाम पर किसानों का नुकसान नहीं होगा, इसका खर्च मिलें उठाएंगी, और सभी मिलें पेराई की शुरुआत से ही मौली देंगी।
चौथा फैसला मुकदमों को लेकर है: नगीना तहसील में किसानों पर दर्ज मुकदमे दीपावली से पहले वापस लिए जाएंगे और वन विभाग के फर्जी मुकदमों पर जल्द कार्रवाई का भरोसा मिला है।
पांचवां फैसला धान खरीद और सड़क को लेकर है: सभी धान क्रय केंद्र तुरंत और बिना रुकावट चलेंगे, और गढ़ी गांव के लिए चक्कर रोड से पक्की सड़क का निर्माण जल्द शुरू होगा।
बिलाई मिल का बकाया: 25 नवंबर की तारीख क्यों अहम है
बिलाई चीनी मिल का बकाया पिछले कई हफ्तों से बिजनौर में सबसे बड़ा किसान मुद्दा बना हुआ है। हाल की रिपोर्टों में इस मिल पर बकाया 24 से 26 करोड़ रुपये के बीच बताया गया है। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ा थोड़ा अलग है, इसलिए इस लेख में एक ही आंकड़े को अंतिम सच नहीं बताया जा रहा है। लेकिन इतना साफ है कि रकम करोड़ों में है और इससे जुड़े किसानों की संख्या हजारों में है।
इससे पहले किसानों ने चेतावनी दी थी कि भुगतान न मिलने पर वे नए पेराई सत्र में बिलाई मिल को गन्ना नहीं देंगे, और जिलाधिकारी को हलफनामे भी सौंपे थे।
तारीख मिलने का मतलब भुगतान मिलना नहीं है — किसान पर्ची और तौल रसीद संभालकर रखें और तारीख बीतने पर समिति व जिला गन्ना अधिकारी से संपर्क करें।
बजाज मिलें और स्मार्ट मीटर: दो और राहत
बजाज ग्रुप की मिलों को 5 दिसंबर तक शत-प्रतिशत भुगतान करना होगा। नए सत्र की पर्ची, कटाई और खाद-बीज के खर्च के लिए किसान को पुराना पैसा चाहिए होता है, इसलिए तारीख तय होना अहम है।
स्मार्ट मीटर को लेकर किसानों का आरोप था कि उनकी सहमति के बिना मीटर लगाए जा रहे हैं। अब जबरन मीटर पर रोक है; इसके बाद भी कोई टीम पहुंचे तो किसान प्रशासन से शिकायत कर सकते हैं।
मौली, सूख कटौती और धान खरीद
पेराई की शुरुआत से ही सभी मिलें किसानों को मौली देंगी, इसकी घोषणा जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश कुमार पटेल ने की है। सूख के नाम पर भी कोई कटौती नहीं होगी। किसान तौल रसीद पर वजन और तारीख जरूर जांच लें।
धान क्रय केंद्रों को तुरंत और बिना रुकावट चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं, और गढ़ी गांव के लिए चक्कर रोड से सड़क निर्माण शीघ्र शुरू होगा। खराब सड़क से गन्ने की ढुलाई में देर होती है, इसलिए यह भी किसानों के लिए अहम है।
किसानों को अब क्या करना चाहिए
अपनी मिल की तारीख याद रखें — बिलाई के लिए 25 नवंबर, बजाज के लिए 5 दिसंबर। पेराई शुरू होने पर मौली और तौल रसीद पहले दिन से लें, सूख कटौती हो तो समिति को बताएं और स्मार्ट मीटर की जबरदस्ती पर प्रशासन से शिकायत करें।
भुगतान में देरी हो तो गन्ना समिति और जिला गन्ना अधिकारी से संपर्क करें। सत्यापित हेल्पलाइन नंबर ये हैं: टोल-फ्री 1800-121-3203 और 1800-180-5129, एसएमएस शॉर्टकोड 51969। किसी अनजान नंबर पर अपनी पर्ची, बैंक खाता या ओटीपी की जानकारी साझा न करें। सरकारी मदद के नाम पर पैसे मांगने वाले कॉल से सावधान रहें।
आगे क्या होगा
अब नजर 25 नवंबर और 5 दिसंबर की तारीखों पर रहेगी। स्मार्ट मीटर पर रोक और मुकदमे वापसी दीपावली से पहले जमीन पर दिखने चाहिए। किसान अपना रिकॉर्ड पक्का रखें — पर्ची, तौल रसीद, भुगतान मैसेज और बैंक स्टेटमेंट, ये चार कागज हर किसान के पास होने चाहिए।
आपके सवाल
बिलाई चीनी मिल का बकाया कब तक मिलेगा? बैठक में तय हुआ है कि बिलाई चीनी मिल 25 नवंबर तक किसानों का पूरा बकाया चुकाएगी।
बजाज ग्रुप की मिलों का भुगतान कब तक होगा? बजाज ग्रुप की मिलें 5 दिसंबर तक शत-प्रतिशत भुगतान करेंगी।
क्या अब किसानों के घर पर जबरन स्मार्ट मीटर लगेगा? नहीं। बैठक में साफ किया गया है कि किसी भी किसान के घर पर जबरदस्ती स्मार्ट मीटर नहीं लगाया जाएगा, इस पर पूरी तरह रोक है।
पेराई शुरू होने पर किसानों को मौली कब से मिलेगी? जिले की सभी शुगर मिलें पेराई की शुरुआत से ही किसानों को मौली देंगी। इसकी घोषणा जिला गन्ना अधिकारी ने की है।
बकाया तय तारीख तक न मिले तो किसान क्या करें? पहले अपनी गन्ना समिति से लिखित जानकारी लें, फिर जिला गन्ना अधिकारी से संपर्क करें। सत्यापित टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-121-3203 और 1800-180-5129 पर भी मदद ली जा सकती है।
स्रोत: अमर उजाला (3 नवंबर 2026), टारगेट टीवी लाइव (2 नवंबर 2026), द मूकनायक (3 नवंबर 2026)।
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