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बरेली केसर मिल को 10 नवंबर तक का अल्टीमेटम: 162 करोड़ नहीं दिए तो संपत्ति सील और एफआईआर, दिवाली से पहले 20 करोड़ की मांग

Aamir Raza Aamir Raza • Nov 3, 2026 • 6 min read
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बरेली केसर मिल को 10 नवंबर तक का अल्टीमेटम: 162 करोड़ नहीं दिए तो संपत्ति सील और एफआईआर, दिवाली से पहले 20 करोड़ की मांग
अंतिम अपडेट: November 3, 2026 4:20 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

सोमवार को जब प्रशासनिक अमला भारी पुलिस बल के साथ बहेड़ी की केसर चीनी मिल पहुंचा, तो टीम एडमिन ब्लॉक को खाली कराकर सील करने की पूरी तैयारी के साथ आई थी। करीब तीन घंटे के निरीक्षण के बाद कार्रवाई चेतावनी पर रुकी — लेकिन तारीख तय है: 10 नवंबर। तब तक भुगतान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठा, तो मिल की संपत्तियां सील होंगी और प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा।

सोमवार को मिल में क्या हुआ

अमर उजाला और डायनामाइट न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को एसडीएम बहेड़ी गोपाल शर्मा के नेतृत्व में प्रशासनिक और राजस्व विभाग की टीम मिल पहुंची। साथ में एसडीएम नवाबगंज सचिन यादव, जिला गन्ना अधिकारी दिलीप कुमार सैनी, सीओ अरुण कुमार सिंह, तहसीलदार वीरपाल सिंह, राजस्व टीम और भारी पुलिस बल मौजूद रहा। टीम सबसे पहले मिल के सीईओ शरद मिश्रा के कार्यालय पहुंची।

मिल प्रबंधन ने भुगतान की कई योजनाएं सामने रखीं, लेकिन प्रशासन संतुष्ट नहीं हुआ। इसके बाद सीएमडी हर्ष आर. किलाचंद से वीडियो कॉल पर बात कराई गई, जिसमें उन्होंने खुद स्वीकार किया कि वह मिल को चलाने में असमर्थ हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया कि अब आश्वासनों से काम नहीं चलेगा।

10 नवंबर की डेडलाइन: क्या-क्या सील होगा

एसडीएम गोपाल शर्मा ने सीएमडी को बताया कि गन्ना विभाग ने मिल मालिक और प्रबंधन के खिलाफ पुलिस को तहरीर सौंप दी है। इसका मतलब यह है कि मुकदमे की जमीन पहले से तैयार है। अगर 10 नवंबर तक भुगतान नहीं हुआ, तो प्राथमिकी दर्ज करने के साथ ही सीलिंग की कार्रवाई शुरू हो जाएगी।

सील होने वाली संपत्तियों की सूची भी बता दी गई है। इसमें प्रशासनिक भवन, सीएमडी की कोठी, अफसरों के बंगले, कर्मचारी आवास और मिल की समस्त जमीन शामिल है। सीओ अरुण कुमार सिंह ने चेतावनी दी कि भुगतान नहीं हुआ, तो कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है।

मिल बिक्री का सौदा: 5 नवंबर और 10 नवंबर की दो तारीखें

वीडियो कॉल पर सीएमडी हर्ष आर. किलाचंद ने बताया कि मिल बेचने के लिए एक खरीदार से बातचीत अंतिम चरण में है। पहली पार्टी के साथ सौदा 5 नवंबर तक तय होने की उम्मीद है। अगर इस पक्ष से समझौता नहीं हो पाया, तो दूसरी पार्टी के साथ 10 नवंबर तक सौदा होने की संभावना है। दोनों ही तारीखें प्रशासन की डेडलाइन से जुड़ी हुई हैं, इसलिए अगले एक हफ्ते में इस मामले में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

लेकिन एक बात सीएमडी ने साफ-साफ कही है — किसानों के पूरे 162 करोड़ रुपये का भुगतान मिल की बिक्री के बाद ही संभव हो सकेगा। यही वजह है कि प्रशासन ने बीच का रास्ता निकाला है: पूरा भुगतान भले ही बिक्री के बाद हो, लेकिन दिवाली से पहले किसानों के हाथ में कुछ रकम जरूर पहुंचनी चाहिए।

दिवाली से पहले 18 से 20 करोड़ की मांग

जिला गन्ना अधिकारी दिलीप कुमार सैनी और एसडीएम नवाबगंज सचिन यादव ने मिल प्रबंधन को दो टूक निर्देश दिए हैं कि किसानों की दिवाली फीकी नहीं पड़नी चाहिए। इसके लिए हर हाल में 18 से 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर आंशिक भुगतान किया जाए। सीएमडी ने प्रयास का आश्वासन दिया है, लेकिन पूरा भुगतान बिक्री के बाद ही होने की बात भी दोहराई है।

किसानों के लिए यह आंशिक भुगतान भी बड़ी राहत होगा। पिछले सत्र का गन्ना बेचे हुए लंबा समय बीत चुका है, और अब नए पेराई सत्र की शुरुआत के साथ किसानों को खाद, बीज और जुताई के लिए भी रकम चाहिए।

किसानों की चेतावनी: भुगतान नहीं तो हाईवे जाम

किसान पहले भी इस मुद्दे पर सड़क पर उतर चुके हैं। 30 अक्टूबर को गन्ना समिति परिसर में हुए धरने में करीब दो हजार किसान शामिल हुए थे, और किसानों ने चेतावनी दी थी कि दिवाली से पहले भुगतान नहीं हुआ, तो त्योहार के बाद नैनीताल हाईवे पर जाम लगाया जाएगा। गन्ना समिति के अध्यक्ष ने केसर चीनी मिल की नीयत पर भी सवाल उठाए थे।

किसानों का कहना है कि मिल ने लगातार धोखा दिया है। इसी वजह से मिल के 40 गन्ना क्रय केंद्र दूसरी मिलों को आवंटित कर दिए गए हैं, और जब तक पूरा भुगतान नहीं हो जाता, तब तक केंद्र वापस नहीं दिए जाएंगे। किसानों की मांग ब्याज सहित भुगतान की भी है।

अब तक का बैकग्राउंड: 17 नवंबर को नीलामी भी तय है

केसर मिल का मामला सिर्फ चेतावनी तक सीमित नहीं है। 17 नवंबर को मिल की 11 एकड़ से अधिक जमीन की नीलामी भी प्रस्तावित है। इससे पहले जिलाधिकारी की बैठक में नीलामी कमेटी का विस्तार किया गया था। पिछली बार बोलीदाताओं की संख्या कम होने से नीलामी टल गई थी, इसलिए इस बार प्रचार पर खास जोर है।

नीलामी से मिलने वाली राशि से भी किसानों के बकाया भुगतान की राह खुल सकती है। लेकिन नीलामी 17 नवंबर को है, जबकि सीलिंग और एफआईआर की डेडलाइन 10 नवंबर है — यानी नीलामी से पहले ही मिल पर सीलिंग की कार्रवाई हो सकती है।

किसानों के लिए क्या करें: अपनी रसीदें संभालकर रखें

अगर आप बहेड़ी क्षेत्र के किसान हैं और केसर मिल को गन्ना दिया है, तो अभी सबसे जरूरी काम अपनी कागजी तैयारी पूरी रखना है। गन्ना आपूर्ति की पर्ची, तौल रसीद और भुगतान से जुड़े पुराने कागजात संभालकर रखें। नीलामी या बिक्री से भुगतान की प्रक्रिया शुरू होने पर यही कागजात आपके दावे की बुनियाद बनेंगे।

शिकायत या जानकारी के लिए जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। भुगतान के नाम पर रकम मांगने वाले किसी भी व्यक्ति से सावधान रहें — सरकारी प्रक्रिया में इसके लिए कोई शुल्क नहीं लगता।

आगे क्या होगा: 5, 10 और 17 नवंबर पर नजर

अगले दो हफ्ते बहेड़ी के किसानों के लिए निर्णायक होंगे। 5 नवंबर तक पहली पार्टी से बिक्री का सौदा तय होना है, 10 नवंबर तक दूसरी पार्टी से सौदे की संभावना और सीलिंग-एफआईआर की डेडलाइन है, और 17 नवंबर को जमीन की नीलामी प्रस्तावित है। इनमें से किसी एक पर भी ठोस प्रगति हुई, तो भुगतान की राह खुलेगी।

सबसे अच्छा नतीजा यही होगा कि दिवाली से पहले 18 से 20 करोड़ रुपये का आंशिक भुगतान किसानों तक पहुंच जाए और बिक्री का सौदा तय हो जाए।

पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: केसर चीनी मिल पर किसानों का कितना बकाया है?

उत्तर: बहेड़ी की केसर चीनी मिल पर किसानों के 162 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य भुगतान बकाया है।

प्रश्न: 10 नवंबर तक भुगतान नहीं हुआ तो क्या होगा?

उत्तर: मिल की संपत्तियां सील की जाएंगी और प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। गन्ना विभाग पुलिस को तहरीर पहले ही सौंप चुका है।

प्रश्न: दिवाली से पहले किसानों को कितना भुगतान मिलने की उम्मीद है?

उत्तर: जिला गन्ना अधिकारी और एसडीएम ने निर्देश दिए हैं कि दिवाली से पहले हर हाल में 18 से 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर आंशिक भुगतान किया जाए।

प्रश्न: मिल बिक्री का सौदा कब तक तय होगा?

उत्तर: सीएमडी के अनुसार, पहली पार्टी से सौदा 5 नवंबर तक तय होने की उम्मीद है। अगर वह बात नहीं बनी, तो दूसरी पार्टी से 10 नवंबर तक सौदा तय हो सकता है। पूरा 162 करोड़ का भुगतान बिक्री के बाद ही संभव होगा।

प्रश्न: केसर मिल की जमीन की नीलामी कब है?

उत्तर: 17 नवंबर को मिल की 11 एकड़ से अधिक जमीन की नीलामी प्रस्तावित है।

स्रोत: अमर उजाला (2 और 3 नवंबर 2026), डायनामाइट न्यूज़ (3 नवंबर 2026)। तस्वीर प्रतीकात्मक है।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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