गन्ने की कटाई का काम तो चल ही रहा है, लेकिन सरकार ने अगले साल (सत्र 2025-26) की तैयारी का बिगुल भी बजा दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘गन्ना सर्वेक्षण नीति 2025’ जारी कर दी है।
इसका मतलब यह है कि गन्ना विभाग के कर्मचारी अब जल्द ही आपके खेतों में फीता और जीपीएस (GPS) मशीन लेकर आने वाले हैं। यह समय खेती के लिए बहुत नाजुक होता है। अगर अभी थोड़ी सी भी लापरवाही हुई, तो पूरे साल पर्ची के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ेंगे।
इसलिए, सर्वे शुरू होने से पहले आपको ये 3 जरूरी काम निपटा लेने हैं।
1. खेत की मेढ़ (Boundaries) साफ कर लें
सबसे पहला और जरूरी काम! किसान भाइयों, सर्वे अब जीपीएस मशीन से होता है। मशीन को यह नहीं पता कि खेत कहाँ खत्म हो रहा है।
अगर आपके खेत की मेढ़ पर घास-फूस या झाड़ियाँ खड़ी हैं, तो मशीन सही नाप नहीं ले पाएगी।
हो सकता है कि आपके खेत का रकबा (Area) कम चढ़ जाए।
इसलिए, सर्वे टीम के आने से पहले अपने गन्ने के खेत के चारों तरफ की मेढ़ों को बिल्कुल साफ-सुथरा कर लें ताकि नाप-जोख पूरी हो सके।
2. पुराने गन्ने और नए पौधे का हिसाब अलग रखें
अक्सर देखा जाता है कि किसान भाई एक ही खेत में आधा पेड़ी (पुरानी फसल) और आधा पौधा (नई फसल) रखते हैं।
जब सर्वे वाला आए, तो उसे साफ-साफ बता दें कि यहाँ से यहाँ तक ‘पेड़ी’ है और यहाँ से यहाँ तक ‘पौधा’ है।
अगर दोनों को एक ही में मिला दिया गया, तो आपकी पर्ची का कैलेंडर बिगड़ जाएगा। पेड़ी की पर्ची जल्दी आती है और पौधे की बाद में, इसलिए दोनों का सही चढ़ना बहुत जरूरी है।
3. अपना आधार और मोबाइल नंबर चेक करें
नई नीति में सरकार ने साफ कहा है कि “सही पहचान, सही भुगतान”।
अगर आपके सट्टे (Bonding) में जो मोबाइल नंबर लगा है, वह बंद हो गया है, तो उसे तुरंत बदलवा लें।
सारे मैसेज और पर्ची की जानकारी उसी नंबर पर आएगी।
साथ ही, अपना आधार कार्ड और बैंक खाता भी चेक कर लें कि वह चालू हालत में है या नहीं।
सर्वे के दिन खेत पर जरूर मौजूद रहें
किसान भाइयों, सबसे बड़ी गलती हम यही करते हैं। हम सोचते हैं— “अरे, सुपरवाइजर साहब तो जान-पहचान के हैं, खुद ही नाप लेंगे।”
यह गलती न करें!
जिस दिन आपके गांव में सर्वे हो, उस दिन खेत पर खुद मौजूद रहें।
अपनी आंखों के सामने नाप करवाएं।
सुपरवाइजर ने कॉपी में क्या लिखा है, उसे उसी समय पढ़कर तसल्ली कर लें। बाद में रजिस्टर में सुधार करवाना लोहे के चने चबाने जैसा होता है।
हमारा सुझाव
किसान भाइयों, गन्ना हमारी नकद फसल (Cash Crop) है, यही हमारी रोजी-रोटी है। सरकार ने नीति जारी कर दी है और 1 मई के आसपास से काम शुरू हो जाएगा।
अभी आपके पास समय है, अपने खेतों को दुरुस्त कर लें और कागज तैयार रखें। थोड़ी सी जागरूकता आपको साल भर की परेशानी से बचा सकती है।
