अब मोबाइल में दिखेगा खेत का पूरा कच्चा-चिट्ठा! सरकार E-Ganna App पर अपलोड कर रही है सर्वे का सारा डेटा!

गन्ने की खेती में सबसे बड़ी सिरदर्दी क्या होती है? यही न कि खेत में गन्ना कुछ और खड़ा है, और कागज में कुछ और चढ़ा है!कई बार ऐसा होता है कि किसान ने मेहनत करके ‘अर्ली वैरायटी’ (Early Variety) का गन्ना बोया, लेकिन गलती से सुपरवाइजर ने उसे ‘सामान्य’ (General) में लिख दिया। इसका नतीजा यह होता है कि पर्ची लेट हो जाती है और किसान को नुकसान उठाना पड़ता है।

लेकिन अब उत्तर प्रदेश सरकार ने इस समस्या का पक्का इलाज कर दिया है। अब आपके गन्ने के सर्वे का एक-एक आंकड़ा E-Ganna App पर अपलोड किया जा रहा है। यानी आपके खेत की पूरी जन्म-कुंडली अब आपकी मुट्ठी में होगी।

आइये आसान भाषा में समझते हैं कि इसका क्या मतलब है और आपको क्या करना है।


रजिस्टर का जमाना गया, अब सब कुछ ऑनलाइन

पहले सर्वे का काम सिर्फ कागजों और रजिस्टरों में होता था। किसान को पता ही नहीं चलता था कि उसके नाम पर क्या चढ़ाया गया है। पता तब चलता था जब पर्ची कटने का टाइम आता था, और तब तक बहुत देर हो चुकी होती थी।

लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

  • गन्ना विभाग ने तय किया है कि सर्वे के दौरान जो भी डेटा जीपीएस (GPS) से लिया जाएगा, उसे तुरंत E-Ganna App पर डाल दिया जाएगा।

  • आप अपने घर की चारपाई पर बैठकर देख सकते हैं कि सरकार के रिकॉर्ड में आपका कितना गन्ना बोल रहा है।


ऐप में आपको ये 3 चीजें जरूर चेक करनी हैं

किसान भाइयों, जैसे ही सर्वे का डेटा ऐप पर दिखे, आपको लापरवाही नहीं करनी है। तुरंत अपना मोबाइल निकालें और ये तीन बातें चेक करें:

1. गन्ने का रकबा (Area):

देखें कि आपके पास जितना खेत है, ऐप में भी उतना ही क्षेत्रफल दिखा रहा है या नहीं। अगर खेत 10 बीघा है और ऐप में 8 बीघा दिख रहा है, तो समझो गड़बड़ है।

2. गन्ने की किस्म (Variety):

यह सबसे जरूरी है! चेक करें कि आपने जो बीज बोया है (जैसे 0238, 14201 या 15023), वही ऐप में लिखा है या नहीं। अगर अर्ली गन्ने को सामान्य (General) या रिजेक्ट (Reject) में चढ़ा दिया गया है, तो तुरंत आपत्ति दर्ज कराएं।

3. पौधा है या पेड़ी?

अक्सर ‘शरदकालीन पौधे’ को गलती से ‘पेड़ी’ में चढ़ा दिया जाता है। इसे भी ध्यान से देख लें।


गलती मिले तो क्या करें?

अगर आपको ऐप में अपने डेटा में कोई भी कमी दिखे, तो घबराने की जरूरत नहीं है।

  • सरकार यह डेटा इसीलिए ऑनलाइन कर रही है ताकि आप समय रहते उसे देख लें।

  • अगर कोई गलती है, तो अपनी गन्ना समिति (Society) में जाएं और लिखित में शिकायत दें।

  • पेराई सत्र (Crushing Season) शुरू होने से पहले ही इसे ठीक करवा लें ताकि बाद में पर्ची और पेमेंट में कोई रुकावट न आए।


हमारा सुझाव

किसान भाइयों, “सावधानी हटी, दुर्घटना घटी”। सरकार ने सिस्टम पारदर्शी (Transparent) बना दिया है, अब जागरूक बनने की बारी आपकी है।

अपना E-Ganna App चेक करते रहें और अपने हक का पूरा हिसाब रखें।

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